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डॉ गुंजन पटेल ने बताया कि अबॉर्शन को लेकर सिर्फ दवा खा लेना यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह पर मेडिकल स्टोर से दवा नहीं खाना चाहिए.
जौनपुर: अबॉर्शन की बात जब आती है, तो सबके मन में एक ही सवाल उठता है कि क्या अबॉर्शन कराना लीगल है या नहीं और कब तक अबॉर्शन कराना पूरी तरीके से सुरक्षित माना जाता है. वैसे भारत में अबॉर्शन कराना लीगल है, लेकिन इसके लिए कुछ विशेष नियमों का भी पालन करना जरूरी है. इसे लेकर अधिक जानकारी बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर गुंजन पटेल ने दी. उनके अनुसार भारत में 20 सप्ताह के भीतर अबॉर्शन कराना पूरी तरीके से लीगल है, लेकिन इसे सिर्फ गाइनेकोलॉजिस्ट से ही कराना सही और सुरक्षित माना जाता है.
कब तक अबॉर्शन कराना सही
डॉक्टर गुंजन पटेल ने अबॉर्शन कराने के सवाल को लेकर कहा कि 20 सप्ताह के भीतर लीगल है और गाइनेकोलॉजिस्ट के यहां पर जाकर आप अबॉर्शन करवा सकते हैं. अगर अनप्लांट प्रेगनेंसी है या कोई गंभीर बीमारी है, जिसका कोई इलाज नहीं है या फिर प्रेगनेंसी की वजह से अगर जान को खतरा हो सकता है तो उस कंडीशन में भी हम लोग अबॉर्शन करवा सकते हैं. अगर बच्चे या मां को कोई भी समस्या है, तो भी अबॉर्शन कराया जा सकता है. इसलिए, सही समय पर सही जांच और सही ईलाज से सुरक्षित रहा जा सकता है. अबॉर्शन को लेकर कोई भी अगर समस्या आए, तो तत्काल नजदीकी डॉक्टर से संपर्क कर सही ईलाज लें, जिससे कि कोई भी समस्या न हो सके.
सिर्फ दवा खा लेना है ख़तरनाक
डॉ गुंजन पटेल ने बताया कि अबॉर्शन को लेकर सिर्फ दवा खा लेना यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह पर मेडिकल स्टोर से दवा नहीं खाना चाहिए. कई बार यहां देखा गया है कि दवा खाने के बाद ब्लडिंग तो हो जाती है पर प्रेगनेंसी बरकरार रहती है, इसलिए दवा का सेवन तभी करें जब किसी विशेषज्ञ द्वारा इसकी सलाह दी गई हो अन्यथा मेडिकल स्टोर से दवा खाना आपके शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है, इसलिए हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही कोई कदम उठाए जिससे आप पूरी तरीके से सुरक्षित रहे.
अगर आप भी किसी वजह से अपनी प्रेगनेंसी को कंटिन्यू नहीं करना चाहते हैं, तो किसी विशेषज्ञ की सलाह पर ही निर्णय करें.