फूल है या चमत्कार? पी लें एक गिलास शरबत, डायबिटीज और बीपी में फायदेमंद

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Palash Flower Benefits: पाचन तंत्र के लिए भी पलाश के फूलों का शरबत बेहद लाभकारी माना जाता है. यह गैस, कब्ज, दस्त और पेट में जलन जैसी दिक्कतों में राहत देता है. जिन लोगों को पेट में ज्यादा गर्मी की शिकायत रहती है, उनके लिए यह प्राकृतिक उपाय काफी लाभकारी साबित हो सकता है.

सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में इन दिनों टेसू यानी पलाश के फूलों की बहार छाई है. लाल-नारंगी रंग के ये फूल जहां प्रकृति की खूबसूरती बढ़ाते हैं, वहीं आयुर्वेद में भी बेहद उपयोगी माने जाते हैं. खासकर गर्मियों में इनसे बना शरबत शरीर को ठंडक देने के साथ कई स्वास्थ्य समस्याओं में राहत पहुंचाता है. सीधी के आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए कहा कि पलाश के फूलों का शरबत शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है. तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच यह शरबत लू से बचाव में सहायक होता है. इसके सेवन से थकान, सिरदर्द और बेचैनी जैसी समस्याएं भी कम होती हैं. गर्मी के मौसम में इसे नियमित रूप से पीने से शरीर को तरावट मिलती है और ऊर्जा बनी रहती है.

उन्होंने कहा कि पाचन तंत्र के लिए भी पलाश का शरबत बेहद लाभकारी माना जाता है. यह गैस, कब्ज, दस्त और पेट में जलन जैसी समस्याओं में राहत देता है. जिन लोगों को पेट में अधिक गर्मी की शिकायत रहती है, उनके लिए यह प्राकृतिक उपाय काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. इसके अलावा यह शरीर में पित्त दोष को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे हाथ-पैरों में जलन और शरीर की अधिक गर्मी से राहत मिलती है.

ब्लड शुगर नियंत्रित करने में सहायक
डॉक्टर के अनुसार, पलाश के फूलों में एंटी-फंगल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-डायबिटिक गुण पाए जाते हैं. यह शरबत ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक होता है, बवासीर के लक्षणों में राहत देता है, त्वचा रोगों में लाभकारी है और लिवर को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है. साथ ही यह शरीर के वात और कफ दोष को संतुलित करने में भी सहायक माना जाता है.

शरबत बनाने की आसान विधि
पलाश का शरबत बनाने की विधि भी बेहद आसान है. सूखे फूलों को रातभर पानी में भिगो दें. वहीं ताजे फूलों को 2-3 घंटे तक भिगोना पर्याप्त होता है. इसके बाद उसी पानी को 5-10 मिनट तक हल्का उबाल लें. फिर इसे छानकर ठंडा कर लें और स्वाद के लिए इसमें मिश्री, नींबू का रस और थोड़ा भुना हुआ जीरा मिलाकर सेवन करें.

सीमित मात्रा में करें सेवन
हालांकि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. अधिक मात्रा में पीने से पेट दर्द या दस्त की समस्या हो सकती है. यदि कोई व्यक्ति पहले से किसी बीमारी से ग्रसित है या दवा ले रहा है, तो सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. टेसू के फूलों को छाया में सुखाकर एयरटाइट डिब्बे में स्टोर किया जा सकता है, जिससे इन्हें सालभर तक सुरक्षित रखा जा सकता है. इन सूखे फूलों का उपयोग प्राकृतिक रंग, काढ़ा या शरबत बनाने में किया जा सकता है. गर्मी के मौसम में यह देसी और असरदार नुस्खा लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.

About the Author

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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