क्या फिर से सस्ता होने वाला है सोना-चांदी? सरकार ने इम्पोर्ट ड्यूटी में की कटौती

Gold Silver Import Duty: सरकार ने आखिरकार सोने और चांदी के लिए आयात शुल्क (Import Duty) में कटौती की है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन में इसका खुलासा किया गया. इसके तहत, सोने की बेस इंपोर्ट कीमत लगभग 50 डॉलर घटाकर 1518 रुपये प्रति 10 ग्राम कर दी गई है.

जबकि चांदी की कीमत 800 डॉलर से ज्यादा घटाकर 2657 प्रति किलोग्राम कर दी गई है. ये कीमतें तय की गई टैरिफ हेडिंग के तहत किसी भी रूप में इंपोर्ट किए गए सोने और चांदी पर लागू होंगी. दुनियाभर में सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों के बीच इम्पोर्ट ड्यूटी के बोझ में आई कमी वाकई में राहत की बात है. 

इम्पोर्ट ड्यूटी में कितनी हुई है कटौती? 

इम्पोर्ट ड्यूटी में लाई गई यह कमी उच्च-शुद्धता वाले सोने के बार और सिक्कों, और चांदी के बुलियन और मेडेलियन पर भी लागू होंगी. हालांकि, इसमें  ज्वेलरी, कीमती धातुओं से बनी वस्तुएं और पोस्ट, कूरियर या बैगेज के जरिए होने वाले इम्पोर्ट शामिल नहीं है. चांदी की बेस इम्पोर्ट कीमत पिछली बार 27 जनवरी को संशोधित की गई थी, जबकि सोने की कीमतें पिछली बार 22 जनवरी को रीसेट की गई थीं. सरकार आमतौर पर हर पखवाड़े कीमती धातुओं की बेस इंपोर्ट कीमतों को संशोधित करती है.

सोने-चांदी की भारत में मांग

सोने और चांदी के आयात शुल्क में कटौती की मांग लंबे समय से की जा रही थी. जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) ने बजट में अपनी सिफारिशों में सोना, चांदी और प्लेटिनम पर कुल आयात शुल्क को घटाकर 4 परसेंट तक करने की डिमांड की थी.

भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता और चांदी का सबसे बड़ा बाजार है. भारत सोने की अपनी मांग ज्यादातर इम्पोर्ट के जरिए ही पूरा करता है. इसी तरह से चांदी की भी 80 परसेंट से ज्यादा जरूरतों के लिए जरूरतें विदेशों से सप्लाई के जरिए ही पूरी होती है. क्रिसिल रेटिंग्स की एक स्टडी के मुताबिक, 2026-27 में रिटेल सेल का वॉल्यूम 5–7 परसेंट की दर से बढ़ने का अनुमान है. 

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