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Lukewarm Water Health Benefits: आयुर्वेद के अनुसार सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना पाचन सुधारने, कफ संतुलित करने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है. हालांकि पूरे दिन गुनगुना पानी पीना हर मौसम और हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है. डिहाइड्रेशन, ज्यादा गर्मी या पित्त की समस्या होने पर गुनगुने पानी को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए.
आयुर्वेद के अनुसार गुनगुना पानी सेहत के लिए फायदेमंद होता है.
Should You Drink Lukewarm Water: पानी हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है. शरीर में पानी की कमी हो जाए, तो कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स लोगों को रोज 8 से 10 गिलास पानी पीने की सलाह देते हैं, ताकि हाइड्रेशन बेहतर बना रहे. भारतीय परंपरा में सुबह उठते ही गुनगुना पानी पीने की आदत सदियों से चली आ रही है. आयुर्वेद में इसे एक सरल, लेकिन प्रभावी स्वास्थ्य नियम माना गया है, जो शरीर को भीतर से शुद्ध और सक्रिय बनाता है.
आयुर्वेद के अनुसार सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने से शरीर की जठराग्नि यानी पाचन अग्नि प्रबल होती है. रातभर सोने के बाद पाचन तंत्र थोड़ी सुस्ती की अवस्था में होता है, जिसे हल्का गर्म पानी सक्रिय कर देता है. इससे भोजन का पाचन बेहतर तरीके से होता है और गैस, कब्ज या अपच जैसी समस्याओं से राहत मिलती है. साथ ही यह कफ दोष को संतुलित करने में मदद करता है, जिससे सर्दी-खांसी और बलगम की समस्या कम हो सकती है.
एक्सपर्ट्स की मानें तो गुनगुना पानी गट एक्टिविटी को बढ़ाता है और शरीर में जमा टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने में सहायक होता है. यह प्राकृतिक डिटॉक्स की तरह काम करता है. जिन लोगों को छाती में जकड़न या कफ की शिकायत रहती है, उनके लिए भी हल्का गर्म पानी लाभकारी माना जाता है, क्योंकि यह बलगम को ढीला कर बाहर निकालने में मदद करता है. इसके अलावा वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी गुनगुना पानी उपयोगी हो सकता है, क्योंकि यह मेटाबॉलिज्म को सक्रिय कर चर्बी घटाने में सहायक भूमिका निभाता है.
सवाल यह भी उठता है कि क्या पूरे दिन गुनगुना पानी पीना सही है? आयुर्वेद के अनुसार दिनभर हल्का गुनगुना पानी थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लिया जा सकता है. खाने से लगभग आधा घंटा पहले गुनगुना पानी पीना पाचन शक्ति को बढ़ाता है और भूख को संतुलित करता है. खाने कम से कम एक घंटे बाद गुनगुना पानी लेने से पाचन प्रक्रिया में सहायता मिलती है. हालांकि पानी बहुत अधिक गर्म नहीं होना चाहिए, केवल हल्का गुनगुना होना चाहिए.
हर व्यक्ति और हर मौसम में गुनगुना पानी समान रूप से लाभकारी नहीं होता. तेज प्यास या डिहाइड्रेशन की स्थिति में सामान्य या हल्का ठंडा पानी अधिक उपयुक्त होता है, क्योंकि अत्यधिक गर्म पानी शरीर की गर्मी बढ़ा सकता है. गर्मियों में यदि पहले से ही शरीर में गर्मी अधिक हो या पित्त दोष बढ़ा हुआ हो, तो बार-बार गुनगुना पानी पीना उल्टा असर कर सकता है. ऐसे में जलन, घबराहट या एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें