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Is Coconut Good for Diabetes: जिन लोगों को डायबिटीज की बीमारी होती है, उन्हें खानपान में काफी सावधानी बरतनी पड़ती है. ऐसा नहीं करने से ब्लड में शुगर लेवल हाई हो सकता है. हाई ब्लड शुगर लेवल कई अन्य शारीरिक समस्याओं का कारण बन सकता है. काफी लोग मधुमेह में कच्चे नारियल के सेवन से परहेज करते हैं. उन्हें सही से नहीं पता कि क्या डायबिटीज में नारियल खा सकते हैं या नहीं? चलिए जान लेते हैं यहां कि मधुमेह रोगियों के लिए कच्चा नारियल फायदे पहुंचाता है या फिर नुकसानदायक है.
कच्चा नारियल आमतौर पर लोग पूजा के समय ही घर खरीद कर लाते हैं. काफी लोग इसे कच्चा खाना पसंद करते हैं, तो कुछ लोग इसकी चटनी बनाकर भी खाते हैं. खासकर, साउथ इंडियन डिशेज में नारियल की चटनी या सूखे न-कच्चे नारियल का खूब इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि, जिन लोगों को डायबिटीज है, वे इसे खाने से परहेज करते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि डायबिटीज में कच्चा नारियल खाने से शुगर लेवल हाई हो सकता है. क्या वाकई ऐसा है, जानते हैं यहां…

डायबिटीज के मरीजों को खानपान में कच्चा नारियल शामिल करने में कोई समस्या नहीं, लेकिन मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट्स कम होता है, साथ ही ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है. ऐसे में ये ब्लड शुगर को बढ़ने नहीं देता है. इसमें फाइबर की मात्रा, हेल्दी फैट कंटेंट भी होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने में मदद करता है.

बहुत लोग सोचते हैं कि डायबिटीज वालों को कच्चा नारियल नहीं खाना चाहिए, लेकिन असल में ये सिर्फ एक गलतफहमी है. अगर सही मात्रा में खाया जाए तो कच्चा नारियल से कोई बड़ी परेशानी नहीं होती. कच्चे नारियल का लो-जीआई और हाई-फाइबर गुण ब्लड शुगर में तेजी से और महत्वपूर्ण वृद्धि को रोकता है. प्रतिदिन लगभग 2 से 3 बड़े चम्मच या 30 से 40 ग्राम ताजे नारियल का सेवन कर सकते हैं.
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फाइबर पाचन को धीरे करता है. इससे खाना खाने के बाद ब्लड शुगर एकदम से नहीं बढ़ता है और कंट्रोल में रहता है. नारियल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है. मतलब इसे खाने से ब्लड शुगर लेवल्स पर ज्यादा असर नहीं पड़ता, इसलिए शुगर के मरीजों को नारियल पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है.

नारियल में कैलोरी और सैचुरेटेड फैट हाई होने के कारण, इसके अधिक सेवन से वजन बढ़ सकता है, जिससे दिल की सेहत प्रभावित हो सकती है और हार्ट डिजीज हो सकते हैं. कच्चे नारियल में फाइबर के साथ ही मैंगनीज, पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे लाभकारी पोषक तत्व पाए जाते हैं. नारियल में मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है.

इससे बार-बार कुछ खाने की इच्छा कम हो जाती है. यह उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो अपना वजन कंट्रोल में रखना चाहते हैं और जिन्हें टाइप 2 डायबिटीज है. नारियल में मौजूद मीडियम चेन फैट्स शरीर में फैट के रूप में जमा नहीं होते, बल्कि जल्दी एनर्जी में बदल जाते हैं.

नारियल में आयरन जैसे मिनरल्स भी होते हैं. ये शरीर की जरूरी क्रियाओं को सही तरीके से चलाने में मदद करते हैं, इसलिए ज्यादा शक्कर वाली मिठाइयों और प्रोसेस्ड स्नैक्स के मुकाबले नारियल को हेल्दी ऑप्शन माना जा सकता है. हालांकि, शुगर के मरीजों को रोज़ाना 30 से 40 ग्राम यानी 2-3 टेबल स्पून ही खाना चाहिए.

अगर आप इसे सब्जियों, सलाद या कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाने के साथ मिलाकर खाते हैं तो यह अच्छा है. बाजार में मिलने वाली शुगर वाली नारियल मिठाइयों और डेजर्ट्स से दूर रहना चाहिए. जब आप पहली बार कच्चा नारियल खाना शुरू करते हैं तो अपनी शुगर लेवल जरूर देखें.
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