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Pressure Cooker Benefits & Risks: प्रेशर कुकर में खाना जल्दी और कम गैस में पक जाता है. इसकी वजह से अधिकतर लोग प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करते हैं. आमतौर पर प्रेशर कुकिंग को सेहत के लिए ठीक माना जाता है. हालांकि गलत तरीके से उपयोग करने पर खाने के पोषक तत्व कम हो सकते हैं. सही तकनीक अपनाकर प्रेशर कुकिंग सुरक्षित और फायदेमंद है.
प्रेशर कुकर में खाना पकाना आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है.
Facts About Pressure Cooking: एक जमाने में भारत में मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाया जाता था. उस खाने का स्वाद और महक बिल्कुल अनोखी होती थी. वक्त के साथ खाना पकाने के बर्तन भी बदलते गए. मिट्टी के बर्तनों के बाद लोहे के बर्तन आए और उनमें खाना पकाया जाने लगा. अब अधिकतर घरों में स्टील, एलुमिनियम और नॉन स्टिक बर्तन देखने को मिल रहे हैं. आजकल लोगों के पास समय की कमी है और वक्त बचाने के लिए लोग प्रेशर कुकर में खाना पकाना पसंद कर रहे हैं. दाल, चावल, सब्जी से लेकर अधिकतर व्यंजन कुकर में जल्दी और आसानी से बन जाते हैं. तेज रफ्तार जिंदगी में कुकर का इस्तेमाल करने से समय और ईंधन दोनों की बचत हो रही है. यही वजह है कि लोग प्रेशर कुकर का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं.
अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या कुकर में खाना पकाना सेहत के लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक? कई लोग मानते हैं कि पारंपरिक तरीके से कड़ाही या भगोने में खाना पकाना ज्यादा फायदेमंद होता है, जबकि कुछ लोग प्रेशर कुकिंग को ज्यादा अच्छा मानते हैं. इस बात को लेकर सालों से बहस चली आ रही है और अधिकतर लोग अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि प्रेशर कुकर काम कैसे करता है. दरअसल कुकर के अंदर भाप का दबाव बढ़ने से पानी का बॉइलिंग पॉइंट 100°C से ऊपर चला जाता है. इससे खाना अधिक तापमान और कम समय में पकता है.
कुकर में खाना कम समय तक पकने की वजह से इसके पोषक तत्व और पानी में घुलनशील विटामिन जैसे विटामिन B और C सुरक्षित रहते हैं. कई रिसर्च बताती हैं कि लंबे समय तक उबालने या खुली कड़ाही में पकाने की तुलना में प्रेशर कुकिंग कई मामलों में पोषक तत्वों को बचा सकती हैं. कुकर में खाना जल्दी पकता है, जिससे गैस या बिजली की खपत कम होती है. यह न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहतर है. कम समय में पकने से भोजन का टेक्सचर और स्वाद भी अच्छा बना रह सकता है. खासकर दाल और राजमा जैसे कठोर अनाज कुकर में आसानी से नरम हो जाते हैं. ऐसे में कुकर में खाना पकाना सेहत के लिए फायदेमंद माना जा सकता है.
प्रेशर कुकिंग के फायदे तो आपने समझ लीजिए, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी होते हैं. बहुत अधिक तापमान और अत्यधिक पकाने से खाने के कुछ संवेदनशील पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं. अगर कुकर में पानी बहुत कम डाला जाए या खाना जल जाए, तो हानिकारक यौगिक बन सकते हैं. साथ ही एल्यूमिनियम कुकर के अत्यधिक उपयोग को लेकर कभी-कभी चिंता जताई जाती है, लेकिन सामान्य उपयोग में प्रमाणित गुणवत्ता वाले बर्तनों को सुरक्षित माना जाता है. स्टेनलेस स्टील कुकर अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित और टिकाऊ विकल्प माने जाते हैं.
एक और भ्रम यह है कि प्रेशर कुकर में पकाने से खाना भारी या कम पौष्टिक हो जाता है. वास्तव में पोषण की दृष्टि से यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आप क्या और कैसे पका रहे हैं. उदाहरण के लिए सब्जियों को बहुत अधिक सीटी लगाकर पकाने से उनका रंग और पोषण प्रभावित हो सकता है, जबकि सही समय पर गैस बंद करने से पोषक तत्व बेहतर सुरक्षित रहते हैं. यानी सही तकनीक अपनाना ज्यादा महत्वपूर्ण है. कुल मिलाकर कुकर में खाना पकाना न तो स्वाभाविक रूप से नुकसानदायक है और न ही चमत्कारी रूप से अधिक फायदेमंद. यह एक सुरक्षित और प्रभावी तरीका है, बशर्ते सही मात्रा में पानी, उचित समय और अच्छी गुणवत्ता के बर्तन का उपयोग किया जाए. संतुलित और समझदारी से किया गया प्रेशर कुकिंग आपके समय, ऊर्जा और पोषण तीनों की बचत कर सकता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें