बालेंद्र शाह ने भारत के कर्नाटक राज्य में पढ़ाई की है. उन्होंने विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बेलगावी, कर्नाटक से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की. हालांकि वो कभी अपनी कर्नाटक में पढाई के बारे में सार्वजनिक तौर कोई बात नहीं करते.
उन्होंने काठमांडु में बॉलीवुड फिल्मों पर प्रतिबंध लगा दिया. साथ ही “ग्रेटर नेपाल” के नक्शे को लेकर उनके रुख ने भारत में विवाद पैदा किया. वो भी ये मानते हैं कि भारत ने नेपाल के कई इलाकों पर जबरन कब्जा कर रखा है.
(facebook/balen shah)
बॉलीवुड फिल्मों पर रोक लगा दी
उन्होंने फिल्म निर्माताओं को संवाद हटाने के लिए तीन दिन का समय दिया. जब ऐसा नहीं हुआ, तो उन्होंने काठमांडू में सभी हिंदी फिल्मों पर प्रतिबंध लगा दिया.
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हालांकि शाह ने बाद में स्पष्ट किया कि उनका विरोध आदिपुरुष के विशिष्ट संवाद और उसकी सामग्री तक सीमित था, न कि भारत या बॉलीवुड के खिलाफ व्यापक रूप से. वैसे उन्होंने ये भी कहा कि बॉलीवुड ने कुछ मामलों में पाकिस्तान को बदनाम किया है, जिससे लगता है कि पाकिस्तान के प्रति भी बेहतर सोच रखते हैं.
बॉलीवुड फिल्मों को नेपाल के लिए अच्छा नहीं मानते
बालेंद्र शाह का मानना था कि भारतीय फिल्मों में दिखाए जाने वाले कंटेंट से नेपाल की अपनी सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान पर प्रभाव पड़ता है. उन्होंने ये चिंता भी अक्सर जाहिर की है कि भारतीय फिल्मों में दिखाई जाने वाली विचारधारा, भाषा, जीवनशैली और सामाजिक नैतिकता से नेपाली युवा प्रभावित हो रहे हैं, जिससे उनकी खुद की संस्कृति कमजोर हो सकती है.
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ग्रेटर नेपाल का नक्शा बनाया
ग्रेटर नेपाल के नक्शे में कौन से भारतीय इलाके
“ग्रेटर नेपाल” का नक्शा ऐतिहासिक सुगौली संधि (1816) से पहले के नेपाल के क्षेत्रीय दावों पर आधारित है, जो नेपाल और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच हुई थी. इस नक्शे में निम्नलिखित भारतीय क्षेत्रों को शामिल किया गया.
बिहार – बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र, जिसमें दरभंगा, मधुबनी, और अन्य मैथिली भाषी क्षेत्र शामिल हैं. इन क्षेत्रों को नेपाल के जनकपुर से सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से जोड़ा जाता है, क्योंकि यह माना जाता है कि माता सीता का जन्म यहीं हुआ था.
पश्चिम बंगाल- दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी जैसे क्षेत्र, जो नेपाल के पूर्वी हिस्सों से सटे हैं. कुछ स्रोतों में पश्चिम बंगाल के तराई क्षेत्रों को भी शामिल बताया गया.
सिक्किम- कुछ रिपोर्ट्स में सिक्किम को भी “ग्रेटर नेपाल” के नक्शे में शामिल बताया गया, क्योंकि यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से नेपाल के प्रभाव क्षेत्र में माना जाता था.
क्या शाह भारत विरोधी हैं?
हां, कुछ हद तक. शाह के कुछ काम, जैसे बॉलीवुड फिल्मों पर प्रतिबंध और ग्रेटर नेपाल का नक्शा, भारत के प्रति आलोचनात्मक रुख को ही दिखाते हैं. उनके बयानों और कदमों को भारत में कई लोगों ने नेपाल की संप्रभुता को बढ़ावा देने के लिए भारत के खिलाफ उकसावे के रूप में देखा.
हालांकि ये भी कहा जाता है कि उन्हें भारत विरोधी नहीं माना जा सकता. क्योंकि उन्होंने फिल्म आदिपुरुष के संवाद या अखंड नेपाल के नक्शे को छोड़कर कभी कोई ऐसा काम नहीं किया, जो भारत के लिए उकसावे वाला माना जा सकता है.
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