झाबुआ जिले की तारखेड़ी ग्राम पंचायत में पीएम आवास योजना के क्रियान्वयन में अनियमितताओं और अवैध वसूली का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने मिलकर पात्र हितग्राहियों से किश्त जारी करने के नाम पर 10 हजार से 20 हजार र
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दिव्यांग कालू सिंह डाबी ने बताया कि पहली किश्त मिलने के बाद एक मंत्री बरियाजी उनके घर आए और दूसरी किश्त जल्द दिलवाने का वादा कर 10 हजार रुपए ले गए। दो-तीन महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें दूसरी किश्त नहीं मिली है। अन्य हितग्राही दिनेश गामड़ और गंगाराम नरवेलिया ने भी वसूली की पुष्टि की है। दिनेश से 20 हजार और गंगाराम से 10 हजार रुपए लेने का आरोप है।
योजना में घोटाला, अपात्र लोगों को मिला लाभ
शिकायतों की जांच में यह भी सामने आया है कि योजना का लाभ कई अपात्र लोगों को दिया गया है। इनमें दो मंजिला मकान के मालिक और सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं। इन अपात्रों को बिना कोई नया निर्माण किए ही राशि का भुगतान कर दिया गया। जियो टैगिंग की प्रक्रिया भी पुराने भवनों पर दिखाकर कागजों में हेरफेर करने का आरोप है।
एक ओर अपात्र लोगों को लाखों रुपए का लाभ दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कई पात्र और गरीब परिवार आज भी आवास योजना के लाभ से वंचित हैं। जिस पूर्व सचिव हेमराज बरिया पर राशि वसूलने का आरोप है, उनका तबादला मोहकमपुरा हो चुका है। वर्तमान सचिव दिनेश मचार ने एक माह पहले ही कार्यभार संभालने की बात कहते हुए मामले से अनभिज्ञता जताई है।
जनपद पंचायत पेटलावद के सीईओ गौरव जैन ने इस पूरे मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद एक जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। सीईओ जैन ने आश्वासन दिया है कि कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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