Last Updated:
IPS Mohibullah Success Story: मुजफ्फरपुर के नए सिटी एसपी IPS मोहिबुल्लाह की कहानी हार न मानने की मिसाल है. 10वीं और 12वीं के प्री-बोर्ड में फेल होने और तीन बार UPSC इंटरव्यू से बाहर होने के बाद वो डिपरेशन में चले गए थे. पर पिता ने गले लगाकर एक बात कही. फिर आज वे मुजफ्फरपुर के नए सिटी एसपी बने हैं. जानें उनके संघर्ष से सफलता तक का पूरा सफर.
बिहार में प्रशासनिक स्तर पर किए गए ताजा तबादलों के तहत मो. मोहिबुल्लाह अंसारी को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. वर्तमान में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, विधि-व्यवस्था, पटना के पद पर कार्यरत मोहिबुल्लाह अंसारी को नगर पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर के रूप में पदस्थापित किया गया है. उनकी यह नियुक्ति न सिर्फ प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि उनकी जीवन यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है.

बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले मोहिबुल्लाह अंसारी की कहानी संघर्ष, असफलता और आत्मविश्वास से दोबारा खड़े होने की मिसाल है. पढ़ाई के शुरुआती दौर में वे किसी भी तरह से “टॉपर” नहीं थे. खुद मोहिबुल्लाह बताते हैं कि उन्हें पढ़ाई से ज्यादा स्कूल की दूसरी गतिविधियों में मजा आता था. उनकी शरारतों की वजह से साथी छात्र मजाक में उन्हें “मुसीबतुल्लाह” कहकर बुलाते थे. इसका असर उनकी पढ़ाई पर पड़ा और वे कक्षा 10वीं और 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा में फेल हो गए. इस दौरान उन्हें परिवार के ताने भी सुनने पड़े, जिसने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया.

हालांकि, यहीं से उनके जीवन की दिशा बदलने लगी. उन्होंने ठान लिया कि वे खुद को साबित करेंगे. कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने 12वीं की परीक्षा बेहतर अंकों से पास की और साथ ही आईआईटी-जेईई की तैयारी में जुट गए. मेहनत रंग लाई और उन्होंने जेईई मेन व एडवांस दोनों परीक्षाएं पास कर आईआईटी दिल्ली में केमिकल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया. लेकिन यहां भी उनका मन पढ़ाई से ज्यादा अन्य गतिविधियों में लगा, जिसका असर उनके रिजल्ट पर पड़ा.
Add News18 as
Preferred Source on Google

2015 में बीटेक पूरा करने के बाद उन्हें नौकरी मिल गई, लेकिन महज 12 दिन में ही उनका मन ऊब गया. उन्हें महसूस हुआ कि वे सिर्फ नौकरी करने के लिए नहीं बने हैं, बल्कि समाज में बदलाव का हिस्सा बनना चाहते हैं. इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी का फैसला किया.

दिल्ली आकर उन्होंने 10 से 12 घंटे की कठिन पढ़ाई शुरू की. पहले प्रयास में ही प्री और मेंस पास कर लिए, लेकिन इंटरव्यू में घबराहट के कारण सफल नहीं हो सके. अगले दो प्रयासों में भी इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद असफलता हाथ लगी. लगातार तीन असफलताओं ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया और वे डिप्रेशन में चले गए.

इस कठिन दौर में उनके पिता उनका सबसे बड़ा सहारा बने. पिता ने उन्हें गले लगाकर कहा “सब ठीक हो जाएगा” और यही शब्द उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बन गए. करीब दो साल के आत्ममंथन, नई शुरुआत और आत्मविश्वास के साथ मोहिबुल्लाह ने एक बार फिर यूपीएससी की तैयारी शुरू की.

साल 2021 में चौथे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की और 381वीं रैंक के साथ आईपीएस अधिकारी बने. आज नगर पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर के रूप में उनकी तैनाती इस बात का प्रमाण है कि असफलता अंतिम नहीं होती. दृढ़ संकल्प, परिवार का साथ और खुद पर विश्वास हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव होती हैं.
.