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Backyard Poultry Farming: मध्य प्रदेश पशुपालन विभाग की बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना से ग्रामीणों को कम निवेश में 10 हजार कमाई का मौका मिल रहा है. इस योजना में सबसे ज्यादा भागीदारी महिलाओं की बढ़ी है. महिलाएं खेती के साथ इस काम को भी कर रही हैं.
Backyard Poultry Farming: मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में खेती के साथ-साथ मुर्गी पालन एक नया कमाई का जरिया बन रहा है. कम निवेश और न्यूनतम मेहनत में अच्छी आय की वजह से बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है. विशेष रूप से सीधी जिले में यह योजना ग्रामीण परिवारों, खासकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है.
केवल 556 रुपये देने होंगे
पशुपालन विभाग की इस योजना से न केवल आर्थिक मजबूती मिल रही है, बल्कि महिला सशक्तिकरण को नई दिशा भी. जिला पशु विभाग के डॉ. सलिल कुमार पाठक ने लोकल 18 को बताया, “यह योजना पशुपालन विभाग द्वारा संचालित है, जो हर वर्ग के लिए खुली है. कुल लागत मात्र 2,225 रुपये है, जिसमें से ग्रामीणों को केवल 556 रुपये ही देने होते हैं. शेष 1,669 रुपये सब्सिडी के रूप में सरकार वहन करती है.”
तीन महीने में बड़े होंगे
योजना के तहत लाभार्थियों को 28 दिन के 40 उन्नत नस्ल के चूजे और आवश्यक दवाएं-टीके मुफ्त मिलते हैं. ये चूजे तेजी से बढ़ते हैं और मात्र तीन महीने में 1 से 1.5 किलो वजन तक पहुंच जाते हैं. डॉ. पाठक ने कहा, “सबसे बड़ी खासियत यह है कि दाना-चारा पर ज्यादा खर्च नहीं करना होता. चूजे गांव के कीड़े-मकोड़े, घास और घरेलू दाना खुद ही खोज लेते हैं. यह ग्रामीण जीवन के अनुकूल तरीका है.”
खेती के साथ कमाई
आगे बताया, तीन से चार महीने में एक लाभार्थी आसानी से 10,000 रुपये कमा सकता है. बिक्री स्थानीय बाजार या पड़ोसी गांवों में आसानी से हो जाती है. सीधी के रामपुर गांव की लाभार्थी राधा बाई ने साझा किया, “पहले खेती पर निर्भर थीं, अब मुर्गी पालन से महीने में 8-10 हजार अतिरिक्त आ रहे हैं. यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाती है.”
सरकार का लक्ष्य हर ग्रामीण परिवार को पशुधन आधारित आय से जोड़ना है. अब तक सीधी में 5,000 से अधिक परिवार लाभान्वित हो चुके हैं. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना न केवल गरीबी उन्मूलन में सहायक है, बल्कि पर्यावरण अनुकूल भी. यदि आप ग्रामीण हैं, तो पशु विभाग से संपर्क कर योजना का लाभ उठाएं कम निवेश, बड़ा लाभ.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
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