अडाणी के बॉन्ड में 8.90% तक ब्याज: आज सुबह 10 बजे से खुलेगा इश्यू, ₹1000 करोड़ जुटाएगी कंपनी; इसमें निवेश का तरीका और रिस्क

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  • Adani Enterprises NCD January 2026: Up To 8.90% Interest, Opens Jan 6 – Apply Now For Higher Returns Than Bank FD

मुंबई7 मिनट पहले

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अगर आप बैंक FD से ज्यादा रिटर्न चाहते हैं, तो अडाणी ग्रुप के पब्लिक बॉन्ड इश्यू यानी NCD में निवेश कर सकते हैं। अडाणी ग्रुप की मुख्य कंपनी ‘अडाणी एंटरप्राइजेज’ का यह इश्यू आज (6 जनवरी) सुबह 10 बजे से खुलेगा। इसमें 19 जनवरी तक निवेश कर पाएंगे।

रिटेल निवेशकों यानी, आम लोगों के लिए अच्छी बात यह है कि कुल इश्यू का 35% हिस्सा उनके लिए रिजर्व रखा गया है। यह कंपनी का तीसरा पब्लिक बॉन्ड इश्यू है, इससे पहले 2024 और 2025 के इश्यू को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था।

मिनिमम 10 हजार रुपए जरूरी; 2 से 5 साल तक के विकल्प

NCD में निवेश करने के लिए कम से कम 10,000 रुपए लगाने होंगे। इसके बाद 1,000 रुपए के मल्टीपल में निवेश बढ़ाया जा सकता है। कंपनी ने निवेशकों के लिए 24 महीने (2 साल), 36 महीने (3 साल) और 60 महीने (5 साल) के तीन टेन्योर (समय सीमा) तय किए हैं।

इसमें ब्याज भुगतान के लिए तिमाही, सालाना और क्यूम्युलेटिव (मैच्योरिटी पर एक साथ) जैसे 8 अलग-अलग सीरीज के विकल्प मिलेंगे। इन बॉन्ड्स से मिलने वाला ब्याज आपकी इनकम में जोड़ा जाएगा और आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से उस पर टैक्स लगेगा।

बॉन्ड्स में निवेश करना शेयर खरीदने जितना ही आसान

  • डीमैट अकाउंट जरूरी: आपके पास एक एक्टिव डीमैट अकाउंट होना चाहिए। आप जीरोधा या अपस्टॉक्स जैसे ब्रोकर एप्स के ‘NCD/Bonds’ सेक्शन में जाकर अप्लाई कर सकते हैं।
  • पहले आओ-पहले पाओ: यह इश्यू ‘फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व’ बेसिस पर है। यानी अगर 19 जनवरी से पहले ही कोटा भर गया, तो यह जल्दी बंद हो जाएगा।
  • ग्रीन शू ऑप्शन: इस इश्यू का बेस साइज 500 करोड़ रुपए है। इसमें ओवर-सब्सक्रिप्शन होने पर 500 करोड़ रुपए अतिरिक्त (ग्रीन शू ऑप्शन) रखने का विकल्प शामिल है।

फायदे: बैंक FD के मुकाबले क्यों है बेहतर?

  • ज्यादा रिटर्न: फिलहाल बड़े सरकारी बैंकों में 5 साल की FD पर 7% से 7.50% ब्याज मिल रहा है, जबकि यहां आपको 8.90% तक का मौका मिल रहा है।
  • हाई रेटिंग (AA-): CARE और ICRA जैसी एजेंसियों ने इसे AA- रेटिंग दी है। इसका मतलब है कि आपका पैसा डूबने का खतरा कम है और कंपनी समय पर ब्याज देने में सक्षम है।
  • सिक्योर्ड बॉन्ड: ये ‘सिक्योर्ड’ NCD हैं। यानी अगर कंपनी को कुछ होता है, तो कंपनी की संपत्तियों को बेचकर सबसे पहले बॉन्ड होल्डर्स का पैसा चुकाया जाएगा।

रिस्क: निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान

  • रेटिंग में बदलाव: अगर भविष्य में कंपनी की वित्तीय स्थिति बिगड़ी और रेटिंग एजेंसी ने इसे ‘डाउनग्रेड’ किया, तो आपके बॉन्ड की वैल्यू कम हो सकती है।
  • लिक्विडिटी की कमी: ये बॉन्ड स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होंगे, लेकिन इन्हें मैच्योरिटी से पहले बेचना कभी-कभी मुश्किल होता है क्योंकि खरीदार कम हो सकते हैं।
  • मार्केट रिस्क: अडाणी ग्रुप पर किसी भी तरह के बाहरी विवाद (हिंडनबर्ग जैसा मामला) का असर बॉन्ड की कीमतों पर पड़ सकता है।

एक्सपर्ट सलाह: कितना पैसा निवेश करना चाहिए?

किसी भी एक कंपनी या ग्रुप में अपना सारा पैसा नहीं लगाना चाहिए। अपने कुल निवेश पोर्टफोलियो का केवल 10% से 15% हिस्सा ही इस तरह के कॉर्पोरेट बॉन्ड्स में रखें।

पिछला इश्यू 3 घंटे में फुल सब्सक्राइब हो गया था

जुलाई 2025 में लॉन्च हुआ कंपनी का दूसरा NCD इश्यू पहले ही दिन महज 3 घंटे में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। ग्रुप CFO जुगेशिंदर ‘रॉबी’ सिंह ने कहा, “यह तीसरा NCD इश्यू भारतीय कैपिटल मार्केट में रिटेल निवेशकों की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है।”

75% पैसा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होगा

कंपनी ने साफ किया है कि इस इश्यू से मिलने वाली रकम का कम से कम 75% हिस्सा मौजूदा कर्ज को चुकाने या उसकी प्री-पेमेंट के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। बाकी का 25% हिस्सा सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।

अडाणी ग्रुप का फ्लैगशिप कंपनी है अडाणी एंटरप्राइजेज

अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) अडाणी ग्रुप की ‘फ्लैगशिप’ कंपनी है। इसका मुख्य काम एयरपोर्ट्स, डेटा सेंटर्स, रोड, माइनिंग और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे भविष्य के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को शुरू करना, उन्हें विकसित करना और आत्मनिर्भर बनाना है।

क्या होता है NCD: शेयर में नहीं बदल सकते, मिलता है फिक्स्ड ब्याज

नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) एक तरह का कर्ज इंस्ट्रूमेंट होता है। कंपनियां इसके जरिए पैसा जुटाती हैं और बदले में एक तय दर से ब्याज देती हैं।

इन्हें शेयर में नहीं बदला जा सकता, इसलिए इन्हें ‘नॉन-कन्वर्टिबल’ कहा जाता है। इन्हें जरूरत पड़ने पर बाजार में बेचा भी जा सकता है।

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