माचिस की तीली, चाभी नहीं! कान में डाल दें ये 2 साधारण तेल, खटाखट साफ हो जाएगा मैल

सहारनपुर : सर्दी का मौसम शुरू होते ही शरीर में ड्राइनेस बढ़ जाती है, जिसका असर कानों पर भी पड़ता है. सर्दियों में कान के अंदर मैल (Earwax) अधिक जमने लगती है, जिससे सुनने में कमी, कान में दर्द, भारीपन, खुजली, चक्कर आना और कानों में भिनभिनाहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई मामलों में यह मैल कान की नली को ब्लॉक कर देती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और अस्थायी बहरापन भी हो सकता है.

अक्सर लोग कान की सफाई के लिए पिन, सूई, माचिस की तीली या अन्य नुकीली वस्तुओं का इस्तेमाल करते हैं, जो बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.इससे कान के पर्दे को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है.इसी को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेद विशेषज्ञों ने कान से मैल निकालने के सुरक्षित घरेलू उपाय बताए हैं.

इस तरीके से निकालें कान का मैल
आयास आयुर्वेदिक चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. हर्ष ने लोकल 18 को बताया कि सर्दियों में शरीर की ड्राइनेस के कारण कान की नली में मौजूद मैल सख्त होकर जम जाती है. सामान्य स्थिति में यह मैल कानों को बैक्टीरिया, धूल और कीटाणुओं से बचाने का काम करती है, लेकिन जब इसकी मात्रा अधिक हो जाती है, तो इसे निकालना जरूरी हो जाता है.

मैल निकालने का सबसे आसान उपाय
डॉ. हर्ष ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि कान की सफाई के लिए कभी भी पिन, सूई या माचिस की तीली जैसी चीजों का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे कान के पर्दे को गंभीर नुकसान हो सकता है. उन्होंने बताया कि मैल निकालने का सबसे आसान और सुरक्षित घरेलू तरीका है जैतून के तेल का उपयोग. इसके लिए जैतून के तेल को हल्का गुनगुना कर कान में डालें.कुछ समय बाद मैल अपने आप बाहर आ जाती है, जिसे रुई से हल्के हाथों से साफ किया जा सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि सरसों के तेल का उपयोग भी कई लोग करते हैं, जो सामान्य स्थिति में सुरक्षित माना जाता है.वहीं एलोपैथिक चिकित्सा में हाइड्रोजन पेरॉक्साइड का इस्तेमाल किया जाता है, जो झाग बनाकर मैल को नरम कर बाहर निकालने में मदद करता है.

मैल निकालने का सबसे आसान उपाय
डॉ. हर्ष ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि कान की सफाई के लिए कभी भी पिन, सूई या माचिस की तीली जैसी चीजों का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे कान के पर्दे को गंभीर नुकसान हो सकता है. उन्होंने बताया कि मैल निकालने का सबसे आसान और सुरक्षित घरेलू तरीका है जैतून के तेल का उपयोग. इसके लिए जैतून के तेल को हल्का गुनगुना कर कान में डालें.कुछ समय बाद मैल अपने आप बाहर आ जाती है, जिसे रुई से हल्के हाथों से साफ किया जा सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि सरसों के तेल का उपयोग भी कई लोग करते हैं, जो सामान्य स्थिति में सुरक्षित माना जाता है.वहीं एलोपैथिक चिकित्सा में हाइड्रोजन पेरॉक्साइड का इस्तेमाल किया जाता है, जो झाग बनाकर मैल को नरम कर बाहर निकालने में मदद करता है.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *