हड्डियों में फूंक देगा जान, अनिद्रा-BP भी कोसों दूर, जानें सिंघाड़े के फायदे

बलिया: आज हम आपको पानी में उगने वाले एक ऐसे फल के बारे में बताने जा रहे हैं, जो न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि सेहत के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है. जी हां बिल्कुल सही सुना आपने सिंघाड़े के अनेक फायदे हैरान करने वाले हैं. वैसे यह ठंडी तासीर वाला फल शरीर को ताजगी तो देता ही है, साथ में कई बीमारियों को जड़ से खत्म करने की ताकत भी रखता है. बिल्कुल सिंघाड़ा न केवल फल के रूप में है, बल्कि सूखाकर बनाए गए इसके आटे भी लाजवाब होते हैं, जिसको व्रत या उपवास में भी खाया जाता है. सिंघाड़ा कच्चा, पका या इसका आटा हर तरह से शरीर के लिए वरदान है.

सुपरफूड है सिंघाड़ा

राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की सात साल अनुभवी (MD और पीएचडी इन मेडिसिन) चिकित्साधिकारी डॉ. प्रियंका सिंह ने कहा कि “व्रत-उपवास में तो सिंघाड़े की मांग काफी बढ़ जाती है, लेकिन यह व्रत के अलावा भी नियमित रूप से सेवन करने योग्य सुपरफूड है. सिंघाड़े के आटे से बनी कचौड़ी और हलवा न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि इनका सेवन सेहत को कई स्तर पर लाभ देने का काम करता है. इसके सेवन से कई रोग दूर हो सकते हैं.

BP कंट्रोल:– हाई बीपी के मरीजों के लिए यह आटा किसी औषधि से कम नहीं है. यह शरीर में सोडियम का स्तर संतुलित करता है, जिससे रक्तचाप नियंत्रण में रहता है. इसके अलावा यह मांसपेशियों और नर्वस सिस्टम को भी ताकत देता है.

त्वचा और बालों में लाभ:– सिंघाड़ा विषैले तत्वों को शरीर से बाहर निकालता है, जिससे त्वचा दमकने लगती है. बालों के झड़ने की समस्या में भी यह कारगर है. नींबू के रस के साथ इसका लेप चर्म रोगों में राहत देता है.

हड्डियों को बनाए मजबूत:– इसमें मौजूद कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन और मिनरल्स हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और शरीर की कमजोरी दूर करते हैं.

वजन घटाने में मददगार:– अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो सिंघाड़े का आटा आपके लिए वरदान साबित हो सकता है. इसमें भरपूर फाइबर होता है, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती है. इससे आप बार-बार खाने से बचाव करते हुए शरीर के मेटाबॉलिज्म को भी संतुलित कर सकते हैं.

अनिद्रा और मूड की समस्या:– इस आटे में विटामिन बी-6 मौजूद होता है, जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है. अगर रात में इसकी रोटी खाई जाए, तो नींद अच्छी आती है और मूड भी बेहतर बना रहता है.

सावधानी भी बहुत जरूरी:- ध्यान दें कि अगर आपको गैस की समस्या है, तो यह आटा आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है और अगर कोई पुरानी बीमारी से ग्रस्त हैं, तो आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह के बिना इसका औषधीय उपयोग न करें, क्योंकि किन्हीं परिस्थितियों में यह हानिकारक भी सिद्ध हो सकता है.

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