रीवा. मध्य प्रदेश के रीवा के संजय गांधी अस्पताल से सामने आई यह घटना दिल दहला देने वाली है. ऑपरेशन थिएटर में आग लगने के बाद जब हालात सामान्य हुए और सफाई शुरू हुई, तब जो सामने आया, उसने हर किसी को सन्न कर दिया. सफाई के दौरान एक अधजले नवजात का शव मिला, जिसने अस्पताल की कार्यप्रणाली और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. इस शर्मनाक घटना के बाद प्रबंधन की किरकिरी हो रही है. लोगों में बेहद गुस्सा है और वे दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
इस मामले में अस्पताल प्रबंधन ने अपनी तरफ से सफाई पेश की है. प्रबंधन का कहना है कि जब आग लगी, उस समय ऑपरेशन थिएटर में एक डिलीवरी का ऑपरेशन चल रहा था. बच्चे का जन्म मृत अवस्था में हुआ था और प्रसूता को टांके लगाए जा रहे थे. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, आग लगते ही ऑपरेशन थिएटर में अफरा-तफरी मच गई. प्राथमिकता के तौर पर प्रसूता को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इसी जल्दबाजी और हड़बड़ी के माहौल में नवजात का शव वहीं छूट गया, जिस पर किसी का ध्यान नहीं गया.
अस्पताल प्रबंधन ने पहले झूठ बोला, अब दे रहे है नई सफाई
आग लगने के तुरंत बाद अस्पताल प्रशासन ने किसी भी तरह की अनहोनी से साफ इनकार किया था. लेकिन जब सफाई के दौरान नवजात का अधजला शव मिला, तो मामला दोबारा गरमा गया. इसके बाद प्रबंधन ने अपनी नई सफाई सामने रखी. हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने घटना को परिस्थितिजन्य बताया है, लेकिन अपनी किसी भी तरह की गलती मानने से इनकार किया है. इस पूरे मामले ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
स्वास्थ्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला बोले- मुझे जानकारी नहीं
इस मामले में जब प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला से पूछा गया, तो उनका कहना था कि मुझे कोई जानकारी नहीं है, प्रबंधन से जब मैंने बात की थी, तब ऐसी कोई बात सामने नहीं आई. मैं इस पूरे मसले पर प्रबंधन से बात करूंगा. प्रबंधन से बात करने के बाद, उचित निर्णय किया जाएगा. जबकि अस्पताल के अधीक्षक राहुल मिश्रा ने बच्चों के मौत की पुष्टि कर दी है. इस घटना ने मरीजों के परजनों के भीतर डर भर दिया है, वो किसी मीडियाकर्मी से बात करते हुए संकोच कर रहे हैं और घबराहट भी वक्त कर रहे हैं. उनका कहना है कि अस्पताल में सब कुछ ठीक है.
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