एमवायएच में इलाज के दौरान फिर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। देवास में सड़क हादसे में घायल युवक को रविवार रात 11 बजे इंदौर रैफर किया गया था। परिजन का आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर मौजूद नहीं था। नर्स ने ही इलाज शुरू किया। किसी सीनियर डॉ
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ड्यूटी डॉक्टर का नाम तक पता नहीं चला
कैजुअल्टी में किस डॉक्टर की ड्यूटी थी, इसका रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं था। वार्ड में ड्यूटी चार्ट नहीं मिला। स्टाफ ने डॉक्टर का नाम बताने से इनकार कर दिया।
परिजन का कहना है कि घायल युवक के सिर और पैर में गंभीर चोट थी, लेकिन तीन घंटे तक कोई वरिष्ठ डॉक्टर नहीं आया। रातभर जूनियर डॉक्टर वीडियो कॉल पर बाहर बैठे किसी डॉक्टर से सलाह लेते रहे। वे लगातार न्यूरो सर्जन को बुलाने की मांग करते रहे, लेकिन कोई नहीं आया। सुबह युवक की तबीयत फिर खराब हुई। इसी दौरान वह इंजेक्शन, जिसे नस में लगाया जाता है, मुंह में डालकर पिला दिया गया। इससे मरीज की हालत बिगड़ने लगी।
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