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- The Railway Will Conduct Trial Runs On The 38 kilometer Stretch From Pithampur To Dhar; The Trials Will Take Place Between March 23 And 26.
इंदौर6 मिनट पहले
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ट्रायल में 50 की रफ्तार से ट्रैक पर दौड़ेगा इंजन।
इंदौर-दाहोद प्रोजेक्ट में पीथमपुर से धार के बीच रेलवे काम पूरा कर अब 38 किमी हिस्से में ट्रायल रन करेगा। 23 से 26 मार्च के बीच ट्रैक पर 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से इंजन (टॉवर वैगन) चलाया जाएगा। आजादी के बाद यह पहला मौका होगा, जब इंजन धार तक पहुंचेगा। रेलवे ने ट्रायल रन की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
रेलवे के एक अधिकारी ने कहा, पीथमपुर से धार तक का काम रेलवे ने पूरा कर लिया है। अब इस हिस्से में टॉवर वैगन से निरीक्षण किया जाएगा। रेलवे ने आम लोगों से कहा है कि सुबह 9 से रात 9 बजे के बीच स्पीड ट्रायल रन होगा। पीथमपुर से धार के स्टेशनों के बीच कोई भी करीब न जाए, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो।
अधूरा काम:टनल बनी बड़ी चुनौती टिही के आगे टनल का काम अभी भी अधूरा है। इसमें दो-तीन महीने का समय और लगेगा। ऐसे में रेलवे फिलहाल टनल के हिस्से को छोड़कर पीथमपुर से धार तक का बाकी काम पूरा कर रहा है। इस हिस्से में ट्रॉली और ट्रायल किया जाएगा।
बड़ा सवाल अब भी, ट्रेन कब से चलेंगी? टिही से धार तक ट्रेन कब से चलेंगी, यह बड़ा सवाल है। हालांकि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अभी टनल का काम अधूरा है। मई-जून तक उसे पूरा करने का टारगेट है। टनल का काम पूरा होने के बाद ही ट्रेन चलेगी। हालांकि मई-जून तक भी टनल का काम पूरा होगा या नहीं, यह बड़ा सवाल है। रेलवे अधिकारियों का कहना है, टनल का काम काफी चुनौतीपूर्ण है। इसलिए इसमें समय लग रहा है।
डेडलाइन फरवरी में ही पूरी हो गई टिही से धार तक के प्रोजेक्ट की डेडलाइन फरवरी में ही पूरी हो गई है। फरवरी 2026 तक का काम रेलवे को पूरा करना था। हालांकि काम अभी भी पूरा नहीं हुआ है। अब रेलवे ने एक बार फिर इसकी टाइमलाइन बढ़ाई है।
देरी का खमियाजा : प्रोजेक्ट की लागत 678 करोड़ से बढ़कर 1800 करोड़ रुपए हो गई
- टिही के आगे जिस टनल की वजह से लगातार यह प्रोजेक्ट लेट हो रहा है, उसमें बार-बार रेलवे अधिकारी टाइमलाइन बढ़ा रहे हैं। वह टनल मूल प्रोजेक्ट में थी ही नहीं। 2013-14 में टिही के आगे तीन किमी टनल प्रस्तावित कर दी गई। 2017-18 में टनल का काम शुरू हुआ था। कोरोना में इसका कॉन्ट्रैक्ट शॉर्ट टर्मिनेट कर दिया गया। जून 2023 में टनल का काम एक बार फिर शुरू हुआ।
- देरी के कारण प्रोजेक्ट की लागत तीन गुना से ज्यादा हो गई। जब प्रोजेक्ट मंजूर हुआ था, तब 678.56 करोड़ रुपए लागत थी। जो अब 1800 करोड़ रुपए से ज्यादा हो गई है।
- प्रोजेक्ट में स्टेशन (टिही से धार तक): इंदौर, राऊ, टिही, पीथमपुर, सागौर, गुणावद, धार स्टेशन इस प्रोजेक्ट में आएंगे।
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