वॉट्सएप को टक्कर दे रहा स्वदेशी मैसेजिंग एप अराटाई: 4 दिन में 10 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया, प्राइवेसी जैसे खास फीचर जानें

नई दिल्ली16 मिनट पहले

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अगर आप वॉट्सएप यूजर हैं, लेकिन प्राइवेसी और डेटा शेयरिंग से परेशान हैं, तो भारत में एक नया स्वदेशी एप आया है, जो वॉट्सएप को टक्कर दे रहा है। Arattai नाम के इस एप को 4 दिन में 10 लाख से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं।

सोशल मीडिया पर लोग इसे ‘वॉट्सएप किलर’ तक कह रहे हैं, क्योंकि कंपनी यूजर की प्राइवेसी को सेफ रखने का दावा कर रही है। इस एप में क्या खास है और क्या ये वाकई वॉट्सएप को टक्कर दे पाएगा, चलिए जानते हैं…

1. सवाल: अरटाई एप कब लॉन्च हुआ था?

अरटाई एप को जोहो कॉर्पोरेशन ने बनाया है। इसे 2021 में लॉन्च किया गया था। अराटाई का मतलब तमिल में ‘कैजुअल चैट’ यानी सामान्य बातचीत है।

इसमें आप टेक्स्ट मैसेज, फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट भेज सकते हैं। साथ ही वॉइस और वीडियो कॉलिंग, स्टोरी फीचर और चैनल मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं।

2. सवाल: अराटाई को किसने बनाया?

अराटाई को चेन्नई में हेडक्वार्टर वाली कंपनी जोहो कॉर्पोरेशन ने डेवलप किया है। इस कंपनी की शुरुआत 1996 में श्रीधर वेम्बु और टॉनी थॉमस ने की थी।

यह आज दुनिया के 150 देशों में 130 मिलियन से ज्यादा यूजर्स को सर्विस दे रही है। जोहो की 55 से ज्यादा बिजनेस एप्लिकेशन हैं। इनमें ईमेल, CRM, HR, अकाउंटिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टूल शामिल हैं।

3. सवाल: एप की अचानक हाइप क्यों बनीं?

‘मेड इन इंडिया’ टैग, प्राइवेसी-फ्रेंडली डिजाइन और सरकार के खुले समर्थन की वजह से अचानक इस लोग डाउनलोड कर रहे हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीट कर लोगों से घरेलू डिजिटल सॉल्यूशंस अपनाने को कहा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीट कर लोगों से घरेलू डिजिटल सॉल्यूशंस अपनाने को कहा।

4 . सवाल: कौन से फोन पर चलेगा यह एप?

अराटाई की खास बात यह है कि यह लो-बैंडविड्थ कंज़म्पशन फीचर के साथ आता है. यानी यह उन क्षेत्रों में भी काम करता है, जहां इंटरनेट कनेक्शन कमजोर या रुक-रुक कर चलता है. यह ऐप कम कीमत वाले स्मार्टफोन्स पर भी आसानी से चलेगा.

5. सवाल: क्या वॉट्सएप की जगह ले सकता है?

हालांकि अराटाई में कई फीचर्स वॉट्सएप जैसे हैं, लेकिन अभी यह पूरी तरह मुकाबला करने की स्थिति में नहीं है। सबसे बड़ी कमी है मैसेज के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2EE) की, क्योंकि वॉट्सएप पर आपके मैसेज सिर्फ सेंडर और रिसीवर ही पढ़ सकते हैं।

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