US Tariff Impact on Indian Toy Exports: अमेरिका के भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ का असर देखने को मिल रहा है. भारतीय व्यापार के कई सेगमेंट पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. इकोनॉमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी हाई टैरिफ के कारण भारतीय खिलौना निर्यात में कमी देखी जा रही है.
भारतीय खिलौनों केनए ऑर्डर कम हो गए हैं. हालांकि, वित्तीय वर्ष 2025-26 की शुरुआत में खिलौना निर्यात कारोबार अच्छा व्यापार कर रहा था. त्योहारी सीजन के लिए अमेरिकी खरीदारों ने एडवांस खरीदारी की थी, पर अचानक से इस ट्रेंड में बदलाव देखने को मिला है.
बढ़ी हुई कीमतों को संतुलित करने के लिए भारतीय निर्यातक खिलौनों की कीमत कम करने और पैकेजिंग पर कम खर्च करने के लिए मजबूर हुए हैं. आइए जानते हैं क्या कहती है रिपोर्ट?
कीमत कम करने को निर्यातक हुए मजबूर
टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया के गवर्निंग बॉडी मेंबर अमिताभ खरबंदा ने बताया कि, अक्टूबर से नवंबर महीने में आने वाले त्योहारों पर साइकिल की बुकिंग आधी हो गई है. खिलौना इंडस्ट्री के जानकार बताते हैं कि, टैरिफ की वजह से कीमतों में आई उछाल के कारण खिलौनों के साइज छोटे करने पड़े हैं. साथ ही फीचर्स कम और पैकेजिंग भी बेसिक हो गई है.
क्या कहती है रिपोर्ट?
फनस्कूल इंडिया के सीईओ केए शबीर के अनुसार, भारत पर 1 अगस्त को 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया था, उसके बाद इसे 50 फीसदी कर दिया गया. इस फैसले का सीधा असर खिलौना निर्यात पर पड़ा है. निर्यातकों को नए ऑर्डर मिलना बंद हो गया है. हालांकि, चीन पर लगे हाई टैरिफ से पहले ही अमेरिकी खरीदारों ने खिलौने के ऑर्डर दे दिए थे. अमेरिका में त्योहारी सीजन की शिपमेंट अप्रैल महीने से ही शुरु हो जाती है.
अप्रैल से अगस्त महीने के बीच त्योहारों, सजावट और एंटरटेनमेंट से जुड़ी चीजों का निर्यात 4 प्रतिशत बढ़कर 101.9 मिलियन डॉलर के आंकड़े पर पहुंच गया था. इसी दौरान खिलौने, गेम्स और स्पोर्ट्स आइटम्स का एक्सपोर्ट भी 8.9 फीसदी बढ़कर 302.6 मिलियन डॉलर हो गया. इन प्रोडक्ट्स के लिए अमेरिका अब भी सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है.
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