न्यूजीलैंड ने पहली बार भारत में टीम इंडिया को वनडे सीरीज में हराया है. इंदौर में खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में कीवी टीम ने भारत को 41 रनों से मात दी. विराट कोहली, डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स इस मैच के तीन शतकवीर रहे. टीम इंडिया को 338 रनों का लक्ष्य मिला था, विराट अंतिम ओवरों तक क्रीज पर टिके रहे लेकिन उनकी 124 रनों की पारी भारत को जीत नहीं दिला सकी. यहां उन 5 बड़े कारणों के बारे में जानिए, जो इंदौर में भारत की हार की वजह बने.
नितीश रेड्डी टीम इंडिया पर बोझ बन रहे
भारतीय टीम दूसरा हार्दिक पांड्या की तलाश में है. उनकी गैरमौजूदगी में वनडे सीरीज में नितीश कुमार रेड्डी को मौका मिला. इंदौर ODI में उन्होंने 8 ओवरों में 53 रन दिए और कोई विकेट भी नहीं ले पाए. उन्होंने अधिकांश गेंदबाजी मिडिल ओवरों में की, जहां डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स उनकी गेंदों पर आसानी से शॉट्स लगाते दिखे. वो अपनी 125-130 किमी प्रतिघंटा रफ्तार की बॉलिंग से ना तो बल्लेबाजों को बीट कर पा रहे थे और ना ही कोई विकेट ले पाए.
भारत नहीं ढूंढ पाया क्रिस्टियन क्लार्क का तोड़
क्रिस्टियन क्लार्क की गेंदबाजी राजकोट और इंदौर, दोनों वनडे मैचों में भारतीय बल्लेबाजों पर हावी रही. राजकोट में उनके 3 विकेट टीम इंडिया की हार का बड़ा कारण बने थे. अब तीसरे ODI मैच में भी उन्होंने विराट कोहली, श्रेयस अय्यर और नितीश कुमार रेड्डी का विकेट लिया.
डेथ ओवरों में खराब गेंदबाजी
ग्लेन फिलिप्स और डेरिल मिचेल खराब शुरुआत से न्यूजीलैंड को उबार चुके थे. अंतिम 10 ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने 99 रन लुटा दिए थे. डेथ ओवरों में हर्षित राणा को भी खूब मार पड़ी, जिन्होंने 3 विकेट जरूर लिए, लेकिन 10 ओवर में 84 रन लुटा दिए थे.
बल्लेबाजी का निकल गया दम
भारतीय टीम को 338 रनों का लक्ष्य चेज करना था. रोहित शर्मा, शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर, भारत के ये तीनों मुख्य बल्लेबाज फ्लॉप रहे. इन-फॉर्म बल्लेबाज केएल राहुल भी सिर्फ एक रन बना सके. न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों ने वेरिएशन का अच्छा इस्तेमाल किया और देखते ही देखते 71 के स्कोर तक भारत 4 विकेट खो चुका था. विराट कोहली ने अकेले लड़ाई लड़ने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे.
स्पिन गेंदबाजी फिर से नहीं चल पाई
इस पूरी सीरीज में तेज गेंदबाजों का दबदबा रहा है. कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा तीनों मैचों में महंगे साबित हुए. पिछले दोनों मैचों में भारतीय स्पिनर महंगे साबित हुए थे, ऐसे में क्या तीसरे मैच में टीम इंडिया मैनेजमेंट एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज के साथ नहीं जा सकता था. इंदौर ODI में जडेजा और कुलदीप ने कुल 12 ओवर गेंदबाजी की, जिनमें उन्होंने 89 रन लुटा दिए.
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