बढ़ी हुई ब्लड शुगर शारीरिक संबंधों में लाती है कमजोरी, मोटापा और थायरॉयड का भी असर, कैसे लाएं सुधार

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Increasing Sugar hamper sex life: डायबिटीज की बीमारी तेजी से युवाओं में भी होने लगी है. एक अध्ययन में सामने आया है कि अगर किसी व्यक्ति में शुगर बढ़ जाती है तो वह शारीरिक संबंध बनाने में भी असफल रहने लगत है.

हाई ब्लड शुगर.

हाइलाइट्स

  • रिसर्च के मुताबिक हाई ब्लड शुगर से यौन क्षमता कमजोर होती है.
  • अगर ठान लें तो इसमें सुधार हो सकता है. व्यायाम और खान-पान से सुधार संभव है.
  • मोटापा और थायरॉयड जैसी बीमारियां भी यौन क्षमता को प्रभावित करते हैं.
Increasing Sugar hamper sex life: एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि जिस पुरुष में ब्लड शुगर का लेवल बढ़ा रहता है उसमें सेक्शुअल फंक्शन कमजोर होने लगत है. इसका मतलब यह हुआ कि डायबिटीज मरीजों को यौन संबंध बनाने में दिक्कत होते हैं. यह अध्ययन अमेरिका के ENDO 2025 सम्मेलन में पेश किया गया है. अध्ययन में कहा गया है कि हेल्दी पुरुषों में यौन क्षमता में होने वाले बदलावों के पीछे मुख्य कारण मेटाबॉलिक स्वास्थ्य कारक हो सकते हैं. मेटाबोलिक बीमारियों में मोटापा, थायरॉयड, डायबिटीज, लिवर-किडनी जैसी बीमारियां आती है. इसका मतलब यह हुआ कि जो लोग मोटे हैं, जिसे थायरॉयड है, लिवर-किडनी की दिक्कत है, उसमें भी यौन क्षमता में कमजोरी होती है.

यौन इच्छा को कम करता

यूरोलॉजी जर्नल के मुताबिक शोधकर्ताओं ने 110 वयस्क पुरुषों के हेल्थ डाटा का विश्लेषण किया, जिन्हें मोटापा या टाइप 2 डायबिटीज़ थी और जो वजन घटाने की दवाओं का सेवन कर रहे थे. ये पुरुष टेस्टोस्टेरोन या हार्मोनल थेरेपी पर नहीं थे. जब इन पुरुषों का वजन 10 प्रतिशत वजन घटा तो टेस्टोस्टेरोन का लेवल 53% से बढ़कर 77% हो गया. सैन फ्रांसिस्को में इस सप्ताह एंडोक्राइन सोसाइटी की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत इस अध्ययन के मुताबिक हाई ब्लड शुगर टेस्टोस्टेरोन के स्तर को घटा सकता है जो पुरुषों की यौन क्षमता के लिए आवश्यक होता है. टेस्टोस्टेरोन का स्तर सीधे तौर पर इरेक्टाइल फंक्शन को प्रभावित नहीं करता लेकिन यह यौन इच्छा (लिबिडो) को कम करने में असर करता है. शोध में यह भी पाया गया कि अगर किसी व्यक्ति के खून में हाई ग्लूकोज का स्तर है तो यह नसों और रक्त वाहिकाओं को भी नुकसान पहुंचाता है. यही कारण है यौन क्रिया के दौरान पुरुषों में उत्तेजना प्राप्त करने और बनाए रखने में दिक्कत होती है. इससे इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है.

इसमें कैसे करें सुधार

हाई ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए दवा के अलावा खान-पान में बहुत सुधार करने की जरूरत है. रिपोर्ट के मुताबिक साबुत अनाज और फाइबर से भरपूर संतुलित आहार ब्लड शुगर को नॉर्मल रखने और सूजन को कम करने में मदद करता है. नियमित व्यायाम इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करता है और वजन घटाने में सहायक होता है. ध्यान और योग मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बढ़ावा देकर यौन प्रदर्शन में सहायक हो सकते हैं.हाल ही के दिनों में मोटापा और डायबिटीज को कम करने के लिए सेमाग्लूटाइड, लिराग्लूटाइड और टिर्जेपाटाइड जैसी दवाएं आई है जो डायबिटीज मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रही है. एसएसएम हेल्थ सेंट लुइस यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में एंडोक्रिनोलॉजी की फेलो डॉ. शेल्सिया पोर्टिलो कानेलेस ने कहा, यह तो पहले से ज्ञात है कि जीवनशैली में बदलाव या बैरियाट्रिक सर्जरी के जरिए वजन घटाने से टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ता है, लेकिन एंटी-ओबेसिटी दवाओं का इस स्तर पर क्या प्रभाव पड़ता है, इस पर अभी तक व्यापक अध्ययन नहीं हुआ है.

LAKSHMI NARAYAN

Excelled with colors in media industry, enriched more than 18 years of professional experience. L. Narayan contributed to all genres viz print, television and digital media. He professed his contribution in the…और पढ़ें

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