मॉस्को. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को रूस में दो नए भारतीय वाणिज्य दूतावासों का उद्घाटन किया और कहा कि इनकी स्थापना से दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा. रूस में अपनी राजनयिक उपस्थिति का विस्तार करते हुए, भारत ने येकातेरिनबर्ग और कजान शहरों में नए महावाणिज्य दूतावास खोले हैं.
उद्घाटन समारोह में रूस के उप विदेश मंत्री आंद्रे रुडेंको और रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार भी उपस्थित थे. जयशंकर ने कहा, “रूसी संघ में भारत के राजनयिक इतिहास में यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है.” जयशंकर ने उन दिनों का भी जिक्र किया जब उन्होंने मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास में राजनयिक पदों पर कार्य किया था.
विदेश मंत्री ने कहा, “यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, जब हम इस देश में दो और महावाणिज्य दूतावास खोल रहे हैं… इन वाणिज्य दूतावासों की स्थापना के लिए पिछले कुछ महीनों से लगातार काम किया गया.” उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत रूसी सरकार से मिले समर्थन का सम्मान करता है.
जयशंकर ने कहा कि येकातेरिनबर्ग को इसके औद्योगिक महत्व के कारण अक्सर ‘रूस की तीसरी राजधानी’ कहा जाता है. विदेश मंत्री ने कहा, “वाणिज्य दूतावास के खुलने से भारतीय और रूसी उद्योगों के बीच तकनीकी, वैज्ञानिक, आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी.” रूस में सबसे ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित करने वाले शहरों में शुमार कजान ने 2024 के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी भाग लिया था.
येकातेरिनबर्ग और कज़ान के बारे में:
येकातेरिनबर्ग – जिसे रूस की तीसरी राजधानी कहा जाता है, औद्योगिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है और साइबेरिया का प्रवेश द्वार है. यह भारी इंजीनियरिंग, रत्न काटने, रक्षा निर्माण, धातुकर्म, न्यूक्लियर फ्यूल, केमिकल्स और मेडिकल उपकरणों के लिए प्रसिद्ध है.
कज़ान – रूस का एक प्रमुख बहु-सांस्कृतिक शहर है, जो मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग के बाद सबसे अधिक देखा जाने वाला शहर है. यह रूस और एशिया के बीच सेतु का काम करता है. कजान तेल उत्पादन, रिफाइनिंग, उर्वरक, ऑटोमोबाइल, रक्षा उत्पादन, फ़ार्मा और इलेक्ट्रिकल उपकरण उद्योगों के लिए प्रसिद्ध है.
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