रीवा में होमवर्क नहीं करने पर शिक्षिका ने स्टील की बोतल मारकर छात्र का सिर फोड़ा, परिजनों ने थाने में की शिकायत

जिले में एक निजी स्कूल की शिक्षिका पर 11 साल के छात्र के सिर पर स्टील की बोतल मारकर सिर फोड़ने का आरोप लगा है। मामले में परिजनों ने शिक्षिका पर गंभीर …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 22 Dec 2025 03:43:52 PM (IST)Updated Date: Mon, 22 Dec 2025 03:43:52 PM (IST)

शिक्षिका ने छात्र पर किया हमला(सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. शिक्षिका ने फोड़ा 11 साल के छात्र का सिर
  2. जेंटल शेफर्ड हायर सेकेंडरी स्कूल की घटना

नईदुनिया प्रतिनिधि, रीवा। जिले में एक निजी स्कूल की शिक्षिका पर 11 साल के छात्र के सिर पर स्टील की बोतल मारकर सिर फोड़ने का आरोप लगा है। मामले में परिजनों ने शिक्षिका पर गंभीर रूप से मारपीट करने का आरोप लगाया है। परिजनों ने पुलिस थाने में आवेदन देकर शिक्षिका और स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की है।

घटना जेंटल शेफर्ड हायर सेकेंडरी स्कूल की बताई जा रही है। पीड़ित बच्चे की बहन भी इसी स्कूल में पढ़ती है। जब उसने अपने भाई को पिटता देखा और बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोप है कि शिक्षिका मनीषा विश्वकर्मा ने उसके साथ भी मारपीट की।

परिजनों का क्या कहना है

परिजनों का आरोप है कि शनिवार 20 दिसंबर की शाम से ही स्कूल प्रबंधन मामले को दबाने की कोशिश करता रहा। रविवार देर रात परिजन खुलकर सामने आए और थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पीड़ित छात्र के पिता पुष्पेंद्र पांडेय ने कहा कि वह क्षमता से ज्यादा मेहनत कर बच्चों की फीस भरते हैं। उनका सवाल है कि क्या फीस देने का मतलब यह है कि बच्चों के साथ मारपीट की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि काम पूरा न होने पर इस तरह की सजा दी गई और एफआईआर दर्ज न कराने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वे थाने से लेकर एसडीओपी तक अपनी बात रख चुके हैं। परिजनों ने यह भी बताया कि घटना के बाद से बच्चे को तेज बुखार है।

कार्रवाई की मांग

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, रीवा के जिला संयोजक, पीएन पांडे ने कहा कि “प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। कहा गया है कि अगर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। रीवा में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे पहले ज्योति स्कूल और सेमरिया में छात्रा के सुसाइड जैसे मामले सामने आ चुके हैं। ज्योति स्कूल मामले में राष्ट्रीय बाल आयोग को भी दखल देना पड़ा था।”

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