Last Updated:
जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल के सरगना अल मेंचो की मौत के बाद मेक्सिको में हिंसा फैल गई है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उसकी एक प्रेमिका के जरिए ठिकाने का पता चला और मुठभेड़ में वह मारा गया. इसके बाद 20 राज्यों में आगजनी और झड़पें हुईं. 9,500 सैनिक तैनात किए गए हैं, जबकि कई नेशनल गार्ड जवान, कार्टेल सदस्य और सरकारी कर्मचारी मारे गए हैं.
अल मेंचो मारा गया.
न्यू मेक्सिको: ड्रग माफिया अल मेंचो मेक्सिको की जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) का प्रमुख था, जिसे दुनिया के सबसे खतरनाक आपराधिक संगठनों में गिना जाता है. अल मेंचो की मौत की खबर फैलते ही उसके समर्थकों ने पूरे देश में अलग-अलग इलाकों में हिंसा की. सुरक्षा मंत्री ओमर गार्सिया हारफुच के अनुसार, हिंसा में अब तक एक जेल गार्ड, राज्य अभियोजन कार्यालय का एक कर्मचारी और कार्टेल के 30 सदस्य मारे गए हैं. वहीं जलिस्को राज्य में कम से कम 25 नेशनल गार्ड जवानों की भी जान गई है. लेकिन वह अल मेंचो, जिसे सुरक्षा एजेंसियां सालों तक पकड़ नहीं सकीं, आखिरकार अपनी गर्लफ्रेंड के कारण मारा गया.
अल मेंचो की लोकेशन क्या गर्लफ्रेंड ने लीक की थी?
सुरक्षा एजेंसियां कई सालों से अल मेंचो को खोज रही थी. जांच के दौरान एजेंसियों को उसकी एक गर्लफ्रेंड के बारे में पता चला. अल मेंचो अपनी गर्लफ्रेंड पर आंख मूंद कर भरोसा करता था. सुरक्षा एजेंसियां जांनती थीं कि अगर वह सीधे उसकी गर्लफ्रेंड से संपर्क करेंगे तो अल मेंचो को खबर लग जाएगी. उसे अल मेंचो के ठिकाने की खबर भी रहती थी. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक उसके ठिकाने तक पहुंचने में उसी महिला के एक भरोसेमंद करीबी शख्स से एजेंसियां जुड़ीं. उसी शख्स ने हर खबर दी. 21 फरवरी को गर्लफ्रेंड अल मेंचो से अलग होकर निकल गई, लेकिन अल मेंचो अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ वहीं रुका रहा. इसी दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई की योजना को अंतिम रूप दिया.
अल मेंचो को मारने का ऑपरेशन कैसे किया गया?
अगले 24 घंटे के भीतर सेना, नेशनल गार्ड और वायुसेना ने संयुक्त अभियान शुरू किया. शक न हो, इसलिए मुख्य कार्रवाई जमीनी दस्तों के जरिए की गई और सीमित हवाई सहायता ली गई. रविवार सुबह सुरक्षाबलों ने तापाल्पा के बाहरी इलाके में स्थित एक केबिन परिसर को चारों तरफ से घेर लिया. जैसे ही सैनिक आगे बढ़े, अल मेंचो के सुरक्षा गार्ड्स ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं. मुठभेड़ में कम से कम छह से आठ कार्टेल सदस्य मारे गए और तीन सैनिक घायल हुए. गोलीबारी के बीच अल मेंचो और उसके कुछ सहयोगी जंगल की ओर भागे. स्पेशल फोर्स की एक टीम ने उनका पीछा किया और घने जंगल में छिपे अल मेंचो को ढूंढ निकाला. दूसरी मुठभेड़ के बाद उसे और उसके दो गार्ड्स को गंभीर हालत में पकड़ लिया गया.
अल मेंचो की रास्ते में हो गई मौत
अधिकारियों के अनुसार, अल मेंचो को हेलिकॉप्टर से राजधानी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई. सरकार ने पुष्टि की कि उसे पकड़ने में अमेरिका से मिली अतिरिक्त खुफिया जानकारी ने मदद की, हालांकि जमीनी कार्रवाई में कोई अमेरिकी बल शामिल नहीं था. अमेरिका ने उसकी गिरफ्तारी पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के इनाम की घोषणा कर रखी थी. अल मेंचो की मौत की खबर फैलते ही जलिस्को समेत कम से कम 20 राज्यों में हिंसा भड़क उठी. कार्टेल के लोगों ने कई शहरों में सड़कें जाम कर दीं. कहीं कीलों और नुकीली चीजें सड़कों पर फेंकी गईं, तो कहीं बसों और वाहनों को कब्जे में लेकर बीच सड़क पर आग लगा दी गई. दर्जनों बैंक और स्थानीय कारोबारियों की दुकानों को भी जला दिया गया.
पूरे देश में सेना तैनात
राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाउम ने सेना की कार्रवाई की सराहना की और कहा कि देश में शांति और सुरक्षा बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है. हालात काबू में लाने के लिए रविवार से अब तक करीब 9,500 सैनिक तैनात किए जा चुके हैं, जिनमें सोमवार को पश्चिमी मेक्सिको में भेजे गए अतिरिक्त 2,500 जवान भी शामिल हैं.
About the Author
योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
.