खिलचीपुर में 21 महीने में 8 बार सीएमओ बदले: नपा उपाध्यक्ष प्रतिनिधि का आरोप- विकास के काम हो रहे ठप – rajgarh (MP) News

राजगढ़ जिले की खिलचीपुर नगर परिषद में मार्च 2024 से दिसंबर 2025 तक, केवल 21 महीनों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आठ बार बदले जा चुके हैं। लगातार बदलाव से कार्यप्रणाली पर सवालों के घेरे में है। नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि ने भोपाल से अधिकारी

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वर्तमान में सारंगपुर नगर पालिका की सीएमओ ज्योति सुनहरे को सारंगपुर के साथ-साथ खिलचीपुर नगर परिषद का प्रभार सौंपा गया है।

1 मार्च 2024 से 29 मार्च 2024 तक अनिल जोशी सीएमओ रहे। इसके बाद 1 अप्रैल 2024 को अशोक पांचाल ने पदभार संभाला और 17 नवंबर 2024 तक कार्यरत रहे। 18 नवंबर 2024 से 17 फरवरी 2025 तक अनिल जोशी को फिर से सीएमओ बनाया गया।

18 फरवरी 2025 से 25 मई 2025 तक अशोक पांचाल दोबारा इस पद पर रहे। 26 मई 2025 से 5 अगस्त 2025 तक एक बार फिर अनिल जोशी को जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद 5 अगस्त 2025 से सितंबर तक राजगढ़ नगर परिषद के सीएमओ पवन अवस्थी को राजगढ़ के साथ-साथ खिलचीपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।

सितंबर 2025 में माचलपुर नगर परिषद के सीएमओ देवेंद्र वत्स को दो माह के लिए खिलचीपुर का प्रभार दिया गया।

नपा उपाध्यक्ष प्रतिनिधि का आरोप- भोपाल के अधिकारियों का हस्तक्षेप नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि विजय शर्मा बंटी ने आरोप लगाया है कि खिलचीपुर नगर परिषद में यह अस्थिरता भोपाल में बैठे एक अधिकारी द्वारा फैलाई गई है। उन्होंने कहा कि 21 महीने में 8 सीएमओ बदले गए हैं, और 60 किलोमीटर दूर सारंगपुर की सीएमओ को खिलचीपुर का चार्ज दिया गया है।

वर्तमान सीएमओ नगर परिषद कार्यालय में कभी-कभार ही पहुंच रही हैं, जिससे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। गाडगंगा नदी पर बने छोटे पुल के पटिये अब तक नहीं लगाए गए हैं। इसी तरह, गंदे नालों के पटिये भी अधूरे पड़े हैं, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अमृत और पीएम स्वनिधि जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं भी इस प्रशासनिक अस्थिरता के कारण ठप पड़ी हैं।

शासन की महत्वाकांक्षी योजनाएं भी अधर में लटकी हुई हैं। अमृत योजना और मुख्यमंत्री आधारभूत संरचना विकास योजना के कार्य अधूरे हैं, जिससे स्वीकृत धनराशि का उपयोग नहीं हो पा रहा है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत नगर परिषद की प्रगति 8 प्रतिशत से भी कम बताई जा रही है, जिससे जरूरतमंद छोटे व्यापारियों तक योजना का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है।

नगर में चर्चा है कि बार-बार सीएमओ बदलने और अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था के कारण न तो योजनाओं की निगरानी हो पा रही है और न ही जवाबदेही तय हो रही है। नागरिकों ने शासन से मांग की है कि खिलचीपुर नगर परिषद में जल्द स्थायी और पूर्णकालिक सीएमओ की नियुक्ति की जाए, ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके और जनता को राहत मिल सके।

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