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Sidhi News: देवरक्ष गांव के ग्रामीणों ने लोकल 18 को बताया कि करीब 20 साल पहले गांव में बिजली पहुंची थी. कनेक्शन दिए गए और बिल भी नियमित रूप से आता है लेकिन गांव के भीतर खंभे आज तक नहीं लगाए गए. मजबूरी में ग्रामीणों ने पेड़ काटकर लकड़ी के अस्थायी खंभे तैयार किए और उसी के सहारे बिजली की लाइन गांव तक खींची है.
सीधी. मध्य प्रदेश के सीधी जिले में विकास के दावे और जमीनी हकीकत के बीच गहरी खाई साफ नजर आ रही है. एक ओर जिले में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खड्डी खुर्द क्षेत्र में बिजली आपूर्ति आज भी बांस के सहारे चल रही है. जर्जर बिजली तार और अस्थायी बांस के खंभे किसी भी वक्त बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं. बरसात के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं, जब जलजमाव के बीच लटकती बिजली की तारें लोगों की जान पर भारी पड़ सकती हैं. खड्डी खुर्द विद्युत उपकेंद्र अंतर्गत देवरक्ष गांव में विभागीय नियमों को दरकिनार कर करीब 19 घरों को बिना स्थायी खंभों के बिजली कनेक्शन दे दिए गए. नियमानुसार 40 मीटर से अधिक दूरी पर खंभा लगाना अनिवार्य है, इसके बावजूद लगभग एक से दो किलोमीटर दूर से सीधे तार खींच दिए गए. इन तारों को जमीन से ऊपर रखने के लिए ग्रामीणों ने बांस और बल्लियों का सहारा लिया है. इससे न सिर्फ नियमों की अनदेखी हुई है बल्कि ग्रामीणों की जान भी जोखिम में पड़ गई है.
देवरक्ष गांव के ग्रामीणों ने बताया कि करीब 20 साल पहले गांव में बिजली पहुंची थी. कनेक्शन दिए गए और बिल भी नियमित रूप से आता है लेकिन गांव के भीतर खंभे आज तक नहीं लगाए गए. मजबूरी में ग्रामीणों ने पेड़ काटकर लकड़ी के अस्थायी खंभे तैयार किए और उसी के सहारे बिजली की लाइन गांव तक खींची है. उन्होंने कहा कि लकड़ी के खंभे जल्दी सड़-गल जाते हैं. आवारा पशु और जंगली जानवर तारों को नुकसान पहुंचा देते हैं, जिससे कई बार करंट फैलने की स्थिति बन चुकी है. अब तक कई हादसे होते-होते टल चुके हैं. प्रशासन की कार्रवाई और जेल जाने का डर अलग से सता रहा है क्योंकि पेड़ काटना नियम विरुद्ध है.
पढ़ाई और सुरक्षा को लेकर चिंता
लीला साहू ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि देवरक्ष में लगभग 19-20 परिवार रहते हैं. बिजली बिल समय पर आता है लेकिन खंभों की व्यवस्था नहीं है. एक किलोमीटर दूर से तार लाना पड़ता है और कई बार तार टूटने से करंट फैलने का खतरा बना रहता है. अधिकारियों को कई बार सूचना दी गई लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई. अंधेरे में जीवनयापन कर रहे परिवारों में बच्चों की पढ़ाई और महिलाओं की सुरक्षा भी बड़ी चिंता का विषय है.
सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता
इस पूरे मामले पर मुख्य अभियंता जन्मेजय सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए कहा कि देवरक्ष गांव में बिजली पोल नहीं होने की जानकारी नहीं है. क्षेत्रीय कर्मचारियों को जांच के निर्देश दिए जाएंगे और शासन के नियमों के अनुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी. उन्होंने कहा कि लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
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