महाशिवरात्रि के अवसर पर कटनी जिला पूरी तरह शिवमय नजर आया। जिले के दो प्रमुख केंद्रों सलैया पड़खुरी के नीलकंठेश्वर भक्ति धाम और बरही के विजयनाथ धाम में दर्शन और आयोजन का अनूठा प्रबंधन देखने को मिला। नीलकंठेश्वर धाम में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर मिट्टी के शिवलिंगों का निर्माण किया और सामूहिक रूप से रुद्राभिषेक संपन्न किया। इस दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर समिति के वालंटियर्स ने मोर्चा संभाला, जिससे हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने पूजन किया। तालाब कुंड पर किया जलाभिषेक नीलकंठेश्वर धाम के संचालक ग्रोवर परिवार के नेतृत्व में अनुशासन बनाए रखने के लिए समिति के सदस्यों ने सिर पर सुसज्जित थाल धारण किए, जिनमें शिवलिंग विराजमान थे। इसी क्रम में नंदी, भैरव और भूतनाथ के स्वरूपों के पीछे-पीछे श्रद्धालु कतार में चलते रहे। यह शोभायात्रा तालाब कुंड तक पहुंची, जहां सामूहिक जलाभिषेक के साथ यात्रा का समापन हुआ। मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास के अलग रास्ते बनाए गए थे, जिससे सुबह से रात तक भक्तों का प्रवाह सुचारू बना रहा। बरही में मसाला खोपड़ी’ रथ और शाही बारात आकर्षण बरही नगर में रामलला मंदिर से भगवान भोलेनाथ की शाही बारात निकाली गई। इस बारात का सबसे बड़ा आकर्षण ‘मसाला खोपड़ी’ रथ रहा, जिस पर सवार होकर महादेव नगर भ्रमण पर निकले। बारात में शहनाई की मधुर धुन और आतिशबाजी के बीच डीजे की धमक पर युवा थिरकते नजर आए। पूरे क्षेत्र से जुटे जनसैलाब को व्यवस्थित करने के लिए नगर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा की दृष्टि से बारात के पूरे मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई। विजयनाथ धाम में हुई विवाह की रस्में नगर भ्रमण के बाद भव्य बारात विजयनाथ धाम पहुंची, जहां उत्सव विवाह के रंग में बदल गया। यहां हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार माता पार्वती और भगवान भोलेनाथ के विवाह का मंडप सजाया गया। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में वरमाला कार्यक्रम हुआ। मंदिर समिति ने विवाह उत्सव के बाद प्रसादी वितरण किया। .