जबलपुर में 26 थाना प्रभारियों को एक साथ सजा, एसपी के एक्शन से हड़कंप

जबलपुर. पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने अपराध समीक्षा बैठक में थानों के प्रदर्शन का गहन मूल्यांकन करने के बाद एसपी ने 25 थाना प्रभारियों को निंदा (कंडेम्नेशन) और एक को चेतावनी की सजा दी है. जबलपुर पुलिस इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में थाना प्रभारियों पर एक साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई संभवतः पहली बार हुई है. यह सजा उनके सर्विस रिकॉर्ड में स्थायी रूप से दर्ज होगी, जिसका सीधा असर प्रमोशन, इंक्रीमेंट और करियर ग्रोथ पर पड़ेगा. शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते छोटे-बड़े अपराध जैसे चाकूबाजी, मारपीट, बमबाजी और गुंडागर्दी के खिलाफ पुलिस की नाकाफी से आम जनता में असुरक्षा का भाव बढ़ रहा था. एसपी ने स्पष्ट कहा कि अपराधियों पर अंकुश लगाने में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. एसपी के कड़े एक्शन से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. अधिकारी अब प्रदर्शन पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं. जनता इसे सकारात्मक मान रही है क्योंकि अपराध नियंत्रण में सुधार की उम्मीद जगी है. छोटे अपराधों में बढ़ती हिंसा पर अंकुश लगने की संभावना है.

थाना प्रभारियों की लिस्ट देखकर विभाग के अंदर चर्चा का बाजार गर्म है कि अब प्रदर्शन पर कितनी सख्त नजर रखी जाएगी. एसपी सम्पत उपाध्याय ने बैठक में बीते वर्ष की तुलना में कई थानों के कमजोर प्रदर्शन को उजागर किया. प्रतिबंधात्मक धाराओं (जैसे 107/151, 110, 41) में ढिलाई, हिस्ट्रीशीटरों पर निगरानी की कमी और छोटे अपराधों में त्वरित एक्शन न लेने को मुख्य कारण बताया. हाल के दिनों में जबलपुर में छोटी-छोटी बातों पर हिंसक घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे जनता में डर फैल रहा है. एसपी का यह कदम विभाग को चेतावनी देता है कि लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी. विभाग के अंदर हड़कंप मचा है, लेकिन जनता के लिए यह राहत की खबर भी है.

गुंडा-बदमाशों पर प्रभावी अंकुश नहीं लगा पाए 
अपराध समीक्षा बैठक में एसपी सम्पत उपाध्याय ने शहर और ग्रामीण थानों का विस्तृत रिव्यू किया. पाया गया कि कई क्षेत्रों में अपराध दर में कमी नहीं आई, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कमजोर रही और गुंडा-बदमाशों पर प्रभावी अंकुश नहीं लगा. इसी आधार पर 25 थाना प्रभारियों को निंदा और एक को चेतावनी दी गई. यह सजा सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज होगी, प्रमोशन में बाधक बनेगी.

जिन थाना प्रभारियों को मिली सजा 
शहर के प्रमुख थानों में लार्डगंज टीआई नवल आर्य, गोहलपुर टीआई रीतेश पांडे, गौरीघाट टीआई हरिकिशन आटनेरे, कैंट टीआई पुष्पेंद्र पटले, विजय नगर टीआई राजेंद्र मर्सकोले, कोतवाली टीआई मानस द्विवेदी, मदन महल टीआई धीरज राज, बेलबाग टीआई जितेंद्र पाटकर, गोराबाजार टीआई संजीव त्रिपाठी, माढ़ोताल टीआई वीरेंद्र सिंह पंवार, पनागर टीआई विपिन ताम्रकार आदि शामिल हैं. ग्रामीण क्षेत्र से बरेला टीआई अनिल पटेल, भेड़ाघाट टीआई कमलेश चौरिया, चरगवां टीआई अभिषेक प्यासी, पाटन टीआई गोपींद्र सिंह राजपूत, कटंगी टीआई पूजा उपाध्याय, शहपुरा टीआई प्रवीण धुर्वे, बेलखेड़ा टीआई लवकेश उपाध्याय, खितौला टीआई रमन सिंह मरकाम, मझौली टीआई नेहरू सिंह खण्डाते, मझगवां टीआई हरदयाल सिंह, गोसलपुर टीआई गाजीवती पुसाम और सिहोरा से हटाए गए टीआई विपिन बिहारी शामिल. बरगी टीआई नीलेश दोहरे को चेतावनी मिली.

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