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Khargone News: यह बावड़ी करीब दो हजार साल पुरानी है. इसका निर्माण उस काल में हुआ जब आदि गुरु शंकराचार्य और पंडित मंडन मिश्र के बीच शास्त्रार्थ हुआ था. जानें और..
बता दें कि पुराने जमाने में कुएं, तालाब और बावड़ियां ही पानी का प्रमुख साधन हुआ करते थे. लोग इनसे पीने, नहाने और घरेलू कार्यों के लिए पानी लेते थे. समय बदला तो कई बावड़ियां सूख गईं, लेकिन कुछ आज भी लोगों के दैनिक कार्यों में उपयोगी है. कुछ से आस्था बनी हुई हैं. मंडलेश्वर की यह बावड़ी भी उन्हीं में से एक है, जहां लोग केवल प्यास बुझाने नहीं बल्कि बीमारियों से मुक्ति पाने आते हैं.
ग्राउंड जीरो पर पहुंची local18 टीम ने स्थानीय लोगों से बात की. रहवासियों ने हैरान करने वाली बातें बताई. कहा कि इस बावड़ी का पानी कभी खत्म नहीं होता. चाहे तपती गर्मी हो या बरसात, बावड़ी हमेशा पानी से भरी रहती है. पास में गंदा नाला बहता है, बावजूद यहां का पानी हमेशा साफ और ठंडा रहता है. हमेशा बावड़ी में साफ पानी भरा रहने का रहस्य आज भी पता नहीं चला है. यही कारण है कि, लोग इस बावड़ी को चमत्कारी मानते है और दूर-दूर से स्नान करने आते हैं.
दो हजार साल पुराना इतिहास
दुर्गेश राजदीप बताते हैं कि यह बावड़ी करीब दो हजार साल पुरानी है. इसका निर्माण उस काल में हुआ जब आदि गुरु शंकराचार्य और पंडित मंडन मिश्र के बीच शास्त्रार्थ हुआ था. शंकराचार्य ने यहां एक शिवालय के निर्माण के साथ यह बावड़ी भी बनवाई थी. पत्थरों से बनी यह बावड़ी आज भी पूरी तरह सुरक्षित अवस्था में खड़ी है.
बीमारियों से मुक्ति की मान्यता
किवदंती है कि, यहां नहाने से शारीरिक और मानसिक रोगी ठीक हो जाते है. विशेषकर चर्म रोग और लकवा जैसे गंभीर रोग दूर हो जाते हैं. इसके अलावा जिन लोगों को किसी तरह की बाहरी बाधाएं है, वे भी मंगलवार को यहां स्नान करके राहत महसूस करते हैं. लोग मानते हैं कि यहां पानी चमत्कारी है. और इस स्थान पर कोई दिव्य शक्ति विद्यमान है.
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें
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