बाढ़ वाले क्षेत्रों में रोटी-कपड़ा नहीं! ये चीज मांग रही महिलाएं, डॉक्टर बोलीं, मदद करें लोग

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महिलाओं और लड़क‍ियों की मेन्‍स्‍ट्रुअल सेहत पर काम करने वाले संगठन सच्‍ची सहेली की फाउंडर और स्‍त्री रोग व‍िशेषज्ञ डॉ. सुरभि‍ सिंह का कहना है क‍ि बाढ़ वाले इलाकों में सैन‍िटरी पैड्स की जरूरत भारी मात्रा में देख…और पढ़ें

बाढ़ वाले क्षेत्रों में रोटी-कपड़ा नहीं! ये चीज मांग रही महिलाएं, मदद करें लोगबाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं को मासिक धर्म के लिए सैन‍िटरी पैड्स नहीं मिल रहे.
Flood affected ares of India: भारी बारिश के चलते देश के कई इलाकों में बाढ़ आई हुई है. पंजाब के ही 12 से ज्यादा जिले बाढ़ में डूब गए हैं. जबकि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार बारिश के चलते जलभराव से हालात बिगड़ गए हैं. इन जगहों पर लोगों के लिए बेसिक जरूरत की चीजें जैसे रोटी और कपड़ा पहुंचाने की मांग की जा रही है. हालांकि इस बीच में राशन सामग्री और कपड़ों के अलावा एक चीज की भारी मांग उठ रही है, जो सीधे-तौर पर महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है.

महिलाओं को लड़कियों की मेन्स्ट्रुअल हेल्थ पर काम करने वाले संगठन सच्ची सहेली की फाउंडर और गायनेकोलॉज‍िस्‍ट डॉ. सुरभि सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, कपड़े, दवाएं और कई जरूरी सामान तो लोगों तक पहुंच रहे हैं लेकिन वहीं महिलाओं और लड़कियों की सेहत से जुड़ी एक जरूरी चीज की अनदेखी की जा रही है. जबकि उन इलाकों में इसकी फिलहाल बहुत जरूरत है.

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डॉ. सुरभि बताती हैं कि बाढ़ के इस माहौल में मासिक धर्म स्वच्छता की बेहद जरूरत है. आपदाओं में भी मासिक धर्म बंद नहीं होता. जहां सामान्य दिनों में ही सैनिटरी पैड तक पहुंचने के लिए बच्चियों और महिलाओं को जद्दोजहद करनी पड़ती है, वहां इस इमरजेंसी की स्थिति में हालात बेहद कठिन हो गए हैं. कई इलाकों से सच्ची सहेली को सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने के लिए मांग की गई है.

अनुमान लगाया जा रहा है कि इन इलाकों में महिलाओं और बच्चियों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए लगभग 50000 सेनिटरी पैड के पैकेट्स की जरूरत है. सच्ची सहेली संगठन इसे लेकर कई सालों से काम कर रहा है और महिलाओं के सामने आने वाली इस मुसीबत को अच्छी तरह समझता है. लिहाजा लोगों से अपील है कि वे उन इलाकों में खाना-पानी के साथ सैनिटरी पैड्स भी उपलब्ध कराएं तो बेहतर होगा.

पेशे से गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सुरभि कहती हैं कि सच्ची सहेली भी इन इलाकों में सैनिटरी पैड्स भेज रहा है लेकिन अकेले इतनी बड़ी संख्या में सहायता कर पाना संभव नहीं है ऐसे में जो लोग वहां सीधे मदद नहीं दे सकते वे सच्ची सहेली के माध्यम से भी सहयोग कर सकते हैं.

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सैनिटरी पैड के अभाव में किसी भी प्रकार के कपड़ों को इस्तेमाल करने से लड़कियों और महिलाओं की सेहत को नुकसान हो सकता है. वे संक्रमण सहित कई बीमारियों का शिकार हो सकती हैं.

priya gautamSenior Correspondent

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्…और पढ़ें

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्… और पढ़ें

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