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महिलाओं और लड़कियों की मेन्स्ट्रुअल सेहत पर काम करने वाले संगठन सच्ची सहेली की फाउंडर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरभि सिंह का कहना है कि बाढ़ वाले इलाकों में सैनिटरी पैड्स की जरूरत भारी मात्रा में देख…और पढ़ें
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं को मासिक धर्म के लिए सैनिटरी पैड्स नहीं मिल रहे. महिलाओं को लड़कियों की मेन्स्ट्रुअल हेल्थ पर काम करने वाले संगठन सच्ची सहेली की फाउंडर और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सुरभि सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, कपड़े, दवाएं और कई जरूरी सामान तो लोगों तक पहुंच रहे हैं लेकिन वहीं महिलाओं और लड़कियों की सेहत से जुड़ी एक जरूरी चीज की अनदेखी की जा रही है. जबकि उन इलाकों में इसकी फिलहाल बहुत जरूरत है.
डॉ. सुरभि बताती हैं कि बाढ़ के इस माहौल में मासिक धर्म स्वच्छता की बेहद जरूरत है. आपदाओं में भी मासिक धर्म बंद नहीं होता. जहां सामान्य दिनों में ही सैनिटरी पैड तक पहुंचने के लिए बच्चियों और महिलाओं को जद्दोजहद करनी पड़ती है, वहां इस इमरजेंसी की स्थिति में हालात बेहद कठिन हो गए हैं. कई इलाकों से सच्ची सहेली को सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने के लिए मांग की गई है.
पेशे से गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सुरभि कहती हैं कि सच्ची सहेली भी इन इलाकों में सैनिटरी पैड्स भेज रहा है लेकिन अकेले इतनी बड़ी संख्या में सहायता कर पाना संभव नहीं है ऐसे में जो लोग वहां सीधे मदद नहीं दे सकते वे सच्ची सहेली के माध्यम से भी सहयोग कर सकते हैं.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सैनिटरी पैड के अभाव में किसी भी प्रकार के कपड़ों को इस्तेमाल करने से लड़कियों और महिलाओं की सेहत को नुकसान हो सकता है. वे संक्रमण सहित कई बीमारियों का शिकार हो सकती हैं.
अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्…और पढ़ें
अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्… और पढ़ें