बालाघाट जिले में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में हुई लगातार बारिश से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलें प्रभावित हुई हैं। कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद राजस्व और कृषि विभाग का अमला नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे मे
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सोमवार को बालाघाट तहसीलदार सुनील वर्मा ने बताया कि अतिवर्षा और बीमारी से हुए फसल नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे में मुख्य रूप से अत्यधिक बारिश और बीमारियों के कारण फसल प्रभावित होने की जानकारी सामने आ रही है। आगामी दो से तीन दिनों में तहसील क्षेत्र में हुए नुकसान का स्पष्ट आंकड़ा सामने आ जाएगा।
मुआवजा वितरण की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू
तहसीलदार वर्मा ने आगे कहा कि कृषि विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। किसानों को आरबीसी (राजस्व पुस्तक परिपत्र) के प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। हालांकि, जिले में कितने एकड़ में नुकसान हुआ है, इसका अंतिम आंकड़ा सर्वे पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
धान के किसानों को दी ये सलाह
कृषि उप संचालक फूलसिंह मालवीय ने किसानों को सलाह दी है कि धान की कटाई के बाद उसे सुरक्षित रखने के लिए कड़पों को खेत में जमीन पर लिटाकर न रखें। इसके बजाय, उन्हें गट्ठे बनाकर खेत में खड़ी स्थिति में रखना चाहिए।
ऐसा करने से खेत की नमी से कटी हुई धान की बालियां सुरक्षित रहेंगी और बारिश होने पर भी धान को नुकसान नहीं होगा। जमीन पर लिटाने से बालियों के काले पड़ने या अंकुरित होने की संभावना बनी रहती है।


