9 मिनट पहलेलेखक: शशांक शुक्ला
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क्या आपने कभी सोचा है कि आपका PF अकाउंट इनएक्टिव हो सकता है। इसकी वजह से आपको PF खाते में जमा रकम पर ब्याज का लाभ नहीं मिलना बंद हो सकता है। कई बार नौकरी बदलने पर या लंबे समय तक PF खाते में योगदान न होने के कारण खाता इनएक्टिव हो जाते हैं।
अगर आपका खाता इनएक्टिव हो गया है, तो न सिर्फ ब्याज रुक सकता है, बल्कि क्लेम या ट्रांसफर में भी दिक्कत आ सकती है। हालांकि, घबराने की जरूरत नहीं है। EPFO ने ऐसे मामलों के लिए आसान तरीका बताया है जिससे आप अपना PF खाता फिर से एक्टिव कर सकते हैं।
आज हम आपका पैसा कॉलम में जानेंगे कि-
- इसका स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस क्या है?
- इनएक्टिव PF खाते को कैसे एक्टिवेट कर सकते हैं?

सवाल- इनएक्टिव PF अकाउंट किसे कहते हैं?
जवाब- EPFO के नियमों के मुताबिक, यदि किसी PF खाते में लगातार 36 महीने तक कोई ट्रांजैक्शन नहीं होता (ब्याज क्रेडिट को छोड़कर), तो खाता इनएक्टिव माना जा सकता है। ऐसा होने पर ब्याज का भुगतान बंद हो जाता है।
सामान्यतः नौकरी के दौरान आपका मौजूदा नियोक्ता आपके UAN से जुड़े सक्रिय PF खाते में हर महीने योगदान करता है, जिससे खाता एक्टिव रहता है।
वहीं नौकरी बदलने के बाद पुराना PF नए खाते में ट्रांसफर नहीं किया या आप लंबे समय तक कार्यरत नहीं रहे और PF खाते में कोई योगदान नहीं हुआ, तो खाता निष्क्रिय हो सकता है।
सवाल- PF खाता इनएक्टिव होने पर क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?
जवाब- यदि किसी PF खाते में लगातार 36 महीने तक कोई योगदान, ट्रांसफर या निकासी जैसी गतिविधि नहीं होती (सिर्फ ब्याज क्रेडिट को छोड़कर), तो वह खाता इनऑपरेटिव या इनएक्टिव मान लिया जाता है।
ऐसे में उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है और इसका सीधा असर आपके रिटायरमेंट कॉर्पस पर पड़ता है। इसका मतलब है कि PF खाते में जमा पैसे पर मिलने वाला कम्पाउंडिंग लाभ मिलना बंद हो जाता है।
ऐसे खाते में क्लेम/ट्रांसफर करते समय सिस्टम मिसमैच या KYC गड़बड़ी के कारण अतिरिक्त समय और मेहनत लग सकती है। इसलिए 36 महीने की अवधि को वॉर्निंग-लाइन समझें और उससे पहले कोई-न-कोई वैध कार्रवाई जैसे ट्रांसफर, विदड्रॉल या योगदान जरूर कर दें।
सवाल- क्या नौकरी बदलने पर पुराना PF खाता इनएक्टिव हो सकता है?
जवाब- हां, नौकरी बदलने पर पुराना PF खाता इनएक्टिव हो सकता है अगर उसमें नया योगदान नहीं हो रहा है तो पुराना खाता इनएक्टिव हो सकता है।
आमतौर पर नौकरी बदलने पर नया नियोक्ता नया PF खाता खोलता है और अगर पुराना खाता समय पर ट्रांसफर नहीं किया जाता तो वह इनएक्टिव हो जाता है।
इनएक्टिव खाते पर कुछ समय बाद ब्याज मिलना भी बंद हो सकता है और पैसे निकालने में दिक्कत आती है। इसलिए समय रहते नौकरी बदलने पर पुराना PF खाता ट्रांसफर कर लेना चाहिए।
सवाल- नौकरी बदलने पर पुराना PF खाता ट्रांसफर करने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस क्या है?
जवाब- नौकरी बदलने के बाद पुराना PF खाता ट्रांसफर करने के लिए नौकरी बदलते ही अपने UAN को एक्टिव रखें और पुराने PF खाते को नए खाते में ट्रांसफर कर दें। आइए इसके स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस को समझते हैं।

सवाल- क्या दो नौकरियों के बीच में लंबा ब्रेक लेने पर PF खाता इनएक्टिव हो सकता है?
जवाब- अगर आप नौकरी में नहीं हैं या ब्रेक पर हैं और आपको अपने PF अकाउंट से पैसे निकालने हैं तो KYC और बैंक डिटेल्स अपडेट कर ई-नॉमिनेशन पूरा करें।
इसके बाद फिर ऑनलाइन क्लेम फॉर्म भरकर सबमिट करें। इस तरह दोनों ही हालत में आपका खाता सक्रिय होकर लेन-देन के लिए तैयार हो जाता है।
सवाल- इनएक्टिव PF खाते को एक्टिव कैसे करें?
जवाब- आपने ध्यान दिया होगा कि जब हम अपने बैंक खाते से लंबे समय तक लेन-देन नहीं करते हैं तो हमारा बैंक खाता भी इनएक्टिव हो जाता है।
इसके लिए हम KYC करने के बाद कुछ पैसे निकालकर उसे एक्टिव करते हैं। वैसे ही PF खाते को भी कुछ पैसे निकालकर एक्टिव किया जा सकता है।
हालांकि इसके लिए भी हमें KYC करने की आवश्यकता होती है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं।

अगर नाम, जन्मतिथि या पिता के नाम में गलती है तो मैनेज बेसिक डिटेल्स में सुधार के लिए रिक्वेस्ट डालें। जरूरत पड़ने पर नियोक्ता के साथ मिलकर जॉइंट डिक्लेरेशन करें।
अगर गलत मेम्बर ID लिंक हो गई है तो उपलब्ध डिलिंक सुविधा या शिकायत निवारण पोर्टल (EPFiGMS) के जरिए इसे ठीक कराएं।
अपनी पासबुक और सर्विस हिस्ट्री समय-समय पर जांचते रहें, ताकि किसी भी गलती या विसंगति को समय रहते ठीक किया जा सके।
सवाल- नौकरी बदलने पर किस गलती से PF खाता इनएक्टिव हो सकता है?
जवाब- कॉर्पोरेट की दुनिया में नौकरी बदलना आम बात है, लेकिन हर बार नौकरी बदलने पर अगर आप अपना PF खाता ट्रांसफर नहीं करते तो इससे परेशानी हो सकती है।
ऐसा करने से पुराना खाता इनएक्टिव हो सकता है और उस पर मिलने वाला ब्याज रुक सकता है। PF ट्रांसफर करने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि खाता इनएक्टिव नहीं होता और ब्याज लगातार मिलता रहता है।
PF ट्रांसफर करने से आपको कम्पाउंडिंग का लाभ भी लगातार मिलता है। यानी जितना अधिक पैसा खाते में रहेगा, उतना ज्यादा ब्याज उस पर जुड़ता जाएगा और आपके PF खाते में जमा पैसा बढ़ेगा।
भविष्य में जब आपको PF का पैसा निकालना हो या क्लेम करना हो, तो अगर आपने खाता पहले से ट्रांसफर किया हुआ है तो यह प्रक्रिया आसान और तेज हो जाती है।
आपको अलग-अलग खातों के झंझट में नहीं पड़ना होता और पूरा पैसा एक ही जगह से आसानी से मिल जाता है।
सवाल- क्या नौकरी बदलते समय PF खाता ट्रांसफर न करने पर पेंशन पर भी कोई असर पड़ता है?
जवाब- नौकरी बदलते समय PF ट्रांसफर करने पर आपकी पूरी नौकरी की सर्विस हिस्ट्री एक ही खाते में जुड़ती रहती है।
यह EPS (पेंशन स्कीम) के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि पेंशन का हिसाब आपकी पूरी सेवा अवधि के आधार पर किया जाता है। ऐसा नहीं होने पर पेंशन की रकम भी प्रभावित हो सकती है।
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