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Way’s to reduce heart disease risk: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में दिल की सेहत को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. गलत खानपान, जंक फूड और बढ़ता तनाव हृदय रोगों का खतरा तेजी से बढ़ा रहे हैं. ऐसे में आयुर्वेद संतुलित आहार और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों पर जोर देता है.
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़े खानपान के कारण कम उम्र में ही लोग मधुमेह, थायराइड और हृदय रोग जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं. लगातार तनाव, काम का दबाव और पर्याप्त नींद न लेना दिल और दिमाग पर बुरा असर डालता है. हर साल दिल की बीमारियों से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ रही है. जहां एक ओर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं आयुर्वेद मानता है कि कई रोगों से बचाव का उपाय हमारी रसोई में ही मौजूद है.
आयुर्वेद के अनुसार हृदय रोग का एक मुख्य कारण शरीर में जमा विषाक्त तत्व और मानसिक तनाव है. जंक फूड, अधिक मीठा, पैक्ड चीजें और अनियमित दिनचर्या दिल की सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं. ऐसे में दालों और फलियों को बेहद फायदेमंद माना गया है. ये भारतीय भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और नियमित सेवन से हृदय रोगों का खतरा कम हो सकता है.
दालें और फलियां घुलनशील फाइबर से भरपूर होती हैं, जो खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद करती हैं. जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है तो रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ने लगता है, जिससे दिल को खून पंप करने में परेशानी हो सकती है. इसके कारण घबराहट, सांस फूलना और दिल की धड़कन पर असर पड़ सकता है.
इसके अलावा इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है. हृदय की सेहत के लिए मसूर, मूंग, राजमा, चना, लोबिया और मोठ की दाल खास तौर पर लाभकारी मानी जाती हैं. बेहतर स्वास्थ्य के लिए आहार में सलाद, सूप, हरी सब्जियां और ब्राउन राइस को भी शामिल करना चाहिए, क्योंकि इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को कई बीमारियों से बचाने में सहायक होते हैं.
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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें