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Gardening Tips : गार्डनिंग एक्सपर्ट बीके राजू भाई के अनुसार, पीस लिली घर की हवा को शुद्ध रखने वाला बेहतरीन इंडोर प्लांट है. सफेद फूलों वाला यह पौधा हानिकारक तत्वों को कम कर ऑक्सीजन बढ़ाता है. कम देखभाल में पनपने वाला यह पौधा घर और ऑफिस दोनों के लिए उपयोगी है. इसकी खुशबू मन को शांति देती है और प्रदूषित वातावरण में भी यह प्रभावी रूप से काम करता है.
गार्डनिंग एक्सपर्ट बीके राजू भाई के अनुसार यदि आप घर के गार्डन में हवा को शुद्ध रखने वाला पौधा लगाना चाहते हैं, तो पीस प्लांट एक बेहतरीन विकल्प है. इस पौधे का नाम ही इसके काम को दर्शाता है. सफेद रंग के आकर्षक फूलों वाला यह पौधा जहां भी लगाया जाता है, वहां के वातावरण को शुद्ध करने में मदद करता है. पीस प्लांट हवा में मौजूद हानिकारक तत्वों को समाप्त कर ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाता है. यह न केवल घर की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है. कम देखभाल में पनपने वाला यह पौधा घर और ऑफिस दोनों के लिए उपयुक्त है.

पीस लिली लिली परिवार का पौधा होने के कारण इसकी खुशबू मन को शांति प्रदान करती है. जिन घरों के आसपास एयर पॉल्यूशन की समस्या रहती है, वहां यह पौधा हवा को शुद्ध करने में मदद करता है. पीस लिली वातावरण से हानिकारक तत्वों को कम कर घर की हवा को साफ बनाती है. यह एक इंडोर प्लांट है, इसलिए इसे ज्यादा धूप या देखभाल की जरूरत नहीं होती है. कम पानी और सामान्य रोशनी में भी यह आसानी से पनप जाता है. घर और ऑफिस के लिए यह पौधा बेहद उपयोगी और सजावटी माना जाता है.

पीस लिली के पौधे को सीधी धूप से बचाकर रखना चाहिए, क्योंकि तेज धूप से इसकी पत्तियां जल सकती हैं. इसे खिड़की के पास ऐसी जगह रखें, जहां भरपूर रोशनी मिले लेकिन सीधी धूप न पड़े. ठंडी हवा के झोंकों से पौधे को बचाना भी जरूरी होता है. गर्मियों में इसे कुछ समय के लिए बाहर रखने से पौधे को लाभ मिलता है. हालांकि कम रोशनी में यह पौधा जीवित रहता है, लेकिन ऐसी स्थिति में इसके फूलों की संख्या कम हो जाती है. उचित रोशनी और सही स्थान से पौधा स्वस्थ बना रहता है.
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पीस लिली के पौधे को जड़ों को अलग-अलग करके आसानी से उगाया जा सकता है. जब पौधा गमले से बड़ा हो जाए, तब उसकी जड़ों के गुच्छे को सावधानी से बाहर निकालें. इसके बाद जड़ों को धीरे-धीरे काटें, ताकि हर हिस्से में जड़ों का कुछ भाग और पौधे का ऊपरी हिस्सा मौजूद रहे. इस तरीके से तैयार किए गए नए पौधों को ताज़ी और पोषक मिट्टी से भरे गमलों में दोबारा लगाया जा सकता है. सही तरीके से रोपाई करने पर पौधा जल्दी जम जाता है और स्वस्थ रूप से बढ़ता है.

पीस लिली के पौधे की मिट्टी को हमेशा समान रूप से नम रखना जरूरी होता है. मिट्टी न तो ज्यादा गीली हो और न ही पूरी तरह सूखने दी जाए. इस पौधे को सर्दियों के मौसम में कम पानी देना चाहिए, जबकि गर्मियों में इसकी पानी की जरूरत बढ़ जाती है. पानी देते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जलभराव न हो. यदि नल के पानी में क्लोरीन की मात्रा अधिक हो, तो पौधे के लिए फ़िल्टर या साफ किया हुआ पानी उपयोग करना बेहतर माना जाता है. सही सिंचाई से पौधा हरा-भरा और स्वस्थ बना रहता है.
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