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LNH MRI and CT Scan Crisis: दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में ओपीडी के मरीजों के लिए MRI और CT स्कैन सुविधाएं करीब दो सप्ताह से ठप हैं, जिसके कारण मरीजों को जांच के लिए सालों बाद की डेट दी जा रही हैं.
Lok Nayak Hospital News: दिल्ली के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शुमार लोकनायक हॉस्पिटल (LNH) में करीब दो सप्ताह से MRI और CT स्कैन सुविधा बिल्कुल ठप है. इसकी वजह से ओपीडी में आने वाले मरीजों को एमआरआई और सीटी स्कैन के लिए सालों बाद की डेट दी जा रही हैं. हद तो तब हो गई, जब एक मरीज को तो स्कैन के लिए 2028 की डेट दी गई. कुछ ऐसा ही हाल अल्ट्रासाउंड का भी है. परेशान लोगों को प्राइवेट अस्पताल में जाकर ये जांच करानी पड़ रही हैं, जो काफी महंगी हैं. अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि इमरजेंसी और पहले से भर्ती मरीजों का एमआरआई अब भी किया जा रहा है. अब सवाल है कि लोकनायक जैसे सरकारी अस्पताल में ऐसी स्थिति आई क्यों? चलिए इसकी वजह जान लेते हैं.
LNH में एमआरआई और सीटी स्कैन की कितनी मशीनें?
लोक नायक अस्पताल में सिर्फ एक MRI मशीन और 3 सीटी स्कैनर हैं, जिसकी वजह से यहां इंफ्रास्ट्रक्चर की शॉर्टेज है. यहां हर दिन हजारों मरीज आते हैं, लेकिन एमआरआई की एक मशीन होने से इस पर काफी लोड रहता है. दिल्ली सरकार 36 हॉस्पिटल चलाती है, जिनमें से केवल 3 अस्पतालों में ही एमआरआई की सुविधा है, जिसमें से एक लोक नायक भी है. यही वजह है कि एमआरआई के लिए मरीज यहां आते हैं. एमआरआई की प्राइवेट अस्पताल में कीमत 8000 रुपये से लेकर 15000 रुपये तक है, जिसकी वजह से कई मरीज प्राइवेट स्कैन अफॉर्ड नहीं कर पाते हैं. लोक नायक के अलावा जीबी पंत और इंदिरा गांधी हॉस्पिटल में भी एमआरआई की सुविधा है, जिनमें मरीजों के लिए वेटिंग टाइम 3 से 6 महीने है.
MRI और CT स्कैन की क्यों होती है जरूरत?
मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI) और कंप्यूटेड टोमोग्राफी स्कैन (CT Scan) के जरिए शरीर के इंटरनल ऑर्गन्स और टिश्यूज की डिटेल्ड और साफ तस्वीरें मिलती हैं. जब डॉक्टर किसी मरीज में चोट, सूजन, ट्यूमर, इन्फेक्शन या अन्य असामान्य बदलाव का संदेह करते हैं, तो वे MRI या CT स्कैन कराने की सलाह देते हैं. ये स्कैन बिना किसी सर्जिकल प्रोसेस के शरीर के अंदर की संरचनाओं का गहराई से निरीक्षण करने में मदद करते हैं, जिससे बीमारी का सही डायग्नोसिस हो पाता है. MRI और CT स्कैन खासतौर पर ब्रेन, हड्डियों, फेफड़ों, हार्ट, पेट और अन्य महत्वपूर्ण अंगों की जांच के लिए उपयोगी होते हैं. MRI में मेग्नेटिक वेव्स और रेडियो सिग्नल की मदद से शरीर के सॉफ्ट टिश्यूज के इमेजेस मिलते हैं, जबकि CT स्कैन एक्स-रे की सहायता से शरीर के कई एंगल से तस्वीरें लेकर 3D इमेज बनाता है. दोनों ही तकनीकें डॉक्टरों को बीमारी की गंभीरता समझने, ऑपरेशन की योजना बनाने और इलाज के बाद सुधार की जांच करने में सहायता करती हैं.
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्… और पढ़ें
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