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Poultry Farming: मुर्गी पालन में असील नस्ल की मुर्गी लखपति बनने की चाभी है. इसका अंडा तो महंगा है ही, इस नस्ल का मुर्गा भी मजबूत और गठिला होता है. जानें सब…
असील नस्ल की पहचान
असील मुर्गी आकार में साधारण मुर्गी से बड़ी होती है. यह लगभग एक मजबूत मुर्गे के बराबर लगती है. इसकी कद-काठी मजबूत और शरीर गठीला होता है. यही कारण है कि इसे लड़ाकू मुर्गी की श्रेणी में भी रखा जाता है. असील मुर्गा अपने साहस और ताकत के लिए जाना जाता है. ग्रामीण इलाकों में इस नस्ल को विशेष सम्मान मिलता है. लोग इसे गौरव की तरह पालते हैं.
असील मुर्गी के अंडे की कीमत इतनी अधिक होने का सबसे बड़ा कारण है इसका औषधीय महत्व. ग्रामीण मान्यताओं और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह अंडा शरीर को ताकत देने वाला माना जाता है. कई लोग इसे कमजोरी दूर करने, बच्चों और महिलाओं को पोषण देने और विशेष रोगों में ऊर्जा बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करते हैं. यही वजह है कि बाजार में इसका अंडा आम अंडों से कई गुना महंगा बिकता है.
उत्पादन क्षमता
साधारण मुर्गी सालभर में बड़ी संख्या में अंडे देती है, लेकिन असील मुर्गी साल में लगभग 60 से 70 अंडे ही देती है. यानी इसकी अंडा उत्पादन क्षमता कम है. लेकिन, कम संख्या में अंडे देने के बावजूद, इसकी कीमत अधिक होने के कारण मुर्गी पालक को नुकसान नहीं होता. बल्कि यह खेती-किसानी करने वाले किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बेहतर साधन बन सकता है.
असील मुर्गी को पालने के लिए थोड़ी देखभाल जरूरी होती है. यह नस्ल मजबूत तो होती है, लेकिन इन्हें खुला वातावरण पसंद आता है. इन्हें प्राकृतिक तरीके से पालने पर ये स्वस्थ रहती हैं. भोजन में इन्हें अनाज, हरी सब्जियां और दाने देना लाभदायक माना जाता है. इनके पालन में ज्यादा खर्च नहीं आता, लेकिन इनके सही स्वास्थ्य के लिए साफ-सफाई और खुला स्थान जरूरी है.
मुनाफे का हिसाब
मान लीजिए कि कोई किसान 10 असील मुर्गियां पालता है. हर मुर्गी सालभर में लगभग 60 अंडे देती है, यानी कुल 600 अंडे हुए. यदि हर अंडा औसतन 80 रुपए में बिके, तो कुल आमदनी 48 हजार रुपए तक हो सकती है. यही नहीं, यदि कोई अंडा 100 तक बिके तो मुनाफा और बढ़ सकता है. इसमें चारे और देखभाल का खर्च निकालने के बाद भी किसान को अच्छा लाभ हो जाता है.
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