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बदलती जीवनशैली और अनियमित खानपान के बीच सेहत को दुरुस्त रखने के लिए लोग प्राकृतिक उपायों की ओर रुख कर रहे हैं. ऐसे में मकोय की पत्तियों का साग या काढ़ा बनाकर सेवन करना एक लाभकारी विकल्प माना जाता है. इसकी कोमल पत्तियों को हल्का उबालकर कम मसालों में पकाने से न केवल पाचन तंत्र मजबूत होता है, बल्कि पेट संबंधी दिक्कतों में भी राहत मिलती है. साथ ही, मकोय को लीवर को स्वस्थ रखने और पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण में सहायक माना जाता है.
बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और पोषक तत्वों की कमी के कारण लोग अक्सर थकान, सुस्ती और कमजोरी महसूस करते हैं. ऐसे में आयुर्वेद में वर्णित देसी पौधा मकोय काफी लाभकारी माना जाता है. ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से मिलने वाला मकोय सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है.
इसमें कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो सेहत के लिए लाभकारी होते हैं. आयुष चिकित्सक इसे आयरन का अच्छा स्रोत मानते हैं.
दरअसल रायबरेली जिले के राजकीय आयुष चिकित्सालय, शिवगढ़ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्मिता श्रीवास्तव (बीएएमएस, लखनऊ विश्वविद्यालय) ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि मकोय की हरी पत्तियां शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करती हैं. इसमें आयरन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं, जो खून की कमी दूर करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक होते हैं.
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डॉ. स्मिता श्रीवास्तव बताती हैं कि नियमित और सीमित मात्रा में मकोय का सेवन करने से शरीर की थकान कम होती है और ऊर्जा का स्तर बेहतर होता है. खासकर उन लोगों के लिए यह फायदेमंद है जो लंबे समय से कमजोरी या रिकवरी की समस्या से जूझ रहे हैं.
मकोय की पत्तियों का साग बनाकर या इसका काढ़ा तैयार कर सेवन किया जा सकता है. इसकी कोमल पत्तियों को धोकर हल्का उबाल लें, फिर कम मसालों में पकाकर खाएं. इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और पेट संबंधी दिक्कतों में राहत मिलती है. मकोय लीवर को स्वस्थ रखने में भी सहायक माना जाता है, जिससे शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है.
हालांकि किसी भी जड़ी-बूटी का सेवन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि अधिक मात्रा में इसका उपयोग नुकसान पहुंचा सकता है. गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को बिना सलाह के मकोय का सेवन नहीं करना चाहिए.
मकोय की हरी पत्तियां शारीरिक कमजोरी दूर करने, खून बढ़ाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में मददगार मानी जाती हैं. यदि संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के साथ इसका सही तरीके से सेवन किया जाए, तो यह शरीर को प्राकृतिक रूप से ताकत देने में अहम भूमिका निभा सकती है.