2000W या 1500W? इंडक्शन कुकटॉप खरीदते समय ये 7 बातें मिस कीं तो पैसा और समय दोनों बर्बाद

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Induction Cooktop Tips: आजकल किचन में तेजी से बदलाव आ रहा है. गैस चूल्हे की जगह अब इंडक्शन कुकटॉप धीरे-धीरे हर घर में पहुंच रहा है. वजह साफ है-तेज़ कुकिंग, कम गैस खर्च और ज्यादा सेफ्टी, लेकिन समस्या तब होती है जब लोग बिना सोचे-समझे इंडक्शन खरीद लेते हैं और बाद में उन्हें लगता है कि ये उनके काम का नहीं है. किसी को इसकी स्पीड कम लगती है, तो किसी को बर्तन बदलने की झंझट भारी पड़ती है. असल में सही इंडक्शन चुनना सिर्फ बजट का मामला नहीं है, ये आपकी रोजमर्रा की जरूरत, किचन की जगह और इस्तेमाल के तरीके पर भी निर्भर करता है, अगर आप भी नया इंडक्शन कुकटॉप लेने का प्लान बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी चीजें पहले समझ लेना आपके लिए फायदे का सौदा हो सकता है.

इंडक्शन कुकटॉप क्यों हो रहा है पॉपुलर पिछले कुछ सालों में इंडक्शन कुकटॉप का ट्रेंड काफी तेजी से बढ़ा है. छोटे शहरों से लेकर बड़े शहरों तक लोग इसे अपनाने लगे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है इसका फास्ट कुकिंग सिस्टम और बिजली से चलने की सुविधा. जो लोग किराए के घर में रहते हैं या जहां गैस सिलेंडर की दिक्कत होती है, उनके लिए इंडक्शन एक आसान विकल्प बन गया है. साथ ही, यह किचन को साफ-सुथरा और मॉडर्न लुक भी देता है.

खरीदने से पहले इन बातों पर जरूर ध्यान दें 1. पॉवर (वाटेज) का सही चुनाव इंडक्शन कुकटॉप की स्पीड उसके वाटेज पर निर्भर करती है, अगर आप सिर्फ चाय, मैगी या हल्का खाना बनाते हैं, तो 1200–1500W काफी रहेगा, लेकिन अगर रोज दाल, सब्जी, चावल और रोटी बनती है, तो 1800–2000W वाला कुकटॉप लेना बेहतर रहेगा. ज्यादा वाटेज मतलब खाना जल्दी और बिना रुकावट के बनेगा.

2. साइज और कुकिंग एरिया हर किचन का स्पेस अलग होता है, अगर आपकी किचन छोटी है या आप अकेले रहते हैं, तो कॉम्पैक्ट इंडक्शन सही रहेगा. वहीं, परिवार बड़ा है तो थोड़ा बड़ा कुकटॉप लें ताकि बड़े बर्तन आसानी से इस्तेमाल कर सकें. कई लोग छोटा मॉडल खरीद लेते हैं और बाद में बड़ी कढ़ाई रखने में परेशानी होती है.

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3. प्रिसेट कुकिंग मोड्स आजकल के इंडक्शन में कई प्रिसेट मोड्स मिलते हैं जैसे-राइस, फ्राई, बॉयल, करी. ये फीचर खासकर नए यूजर्स के लिए काफी काम का होता है. बार-बार तापमान सेट करने की जरूरत नहीं पड़ती और खाना भी सही तरीके से पकता है.

4. सेफ्टी फीचर्स को नजरअंदाज न करें इंडक्शन की सबसे बड़ी ताकत इसकी सेफ्टी है, लेकिन हर मॉडल में सेफ्टी फीचर्स एक जैसे नहीं होते. ऑटो शट-ऑफ, ओवरहीट प्रोटेक्शन और चाइल्ड लॉक जैसे फीचर्स जरूर होने चाहिए, अगर घर में बच्चे हैं, तो ये चीजें और भी जरूरी हो जाती हैं.

5. बर्तनों की कंपैटिबिलिटी इंडक्शन हर बर्तन के साथ काम नहीं करता. इसके लिए फ्लैट बेस वाले स्टील या आयरन के बर्तन चाहिए होते हैं. एक आसान ट्रिक है-अगर बर्तन पर मैग्नेट चिपक जाता है, तो वो इंडक्शन पर काम करेगा. कई लोग यह बात नजरअंदाज कर देते हैं और बाद में नए बर्तन खरीदने पड़ते हैं.

6. बिजली खपत और एफिशिएंसी इंडक्शन कुकटॉप बिजली से चलता है, इसलिए इसकी पावर खपत भी समझना जरूरी है, अगर आप रोजाना ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो एनर्जी एफिशिएंट मॉडल लें. इससे बिजली का बिल कंट्रोल में रहेगा और लंबे समय में पैसे की बचत होगी.

7. बजट और ब्रांड का बैलेंस मार्केट में इंडक्शन कुकटॉप 1500 रुपये से लेकर 5000 रुपये या उससे ज्यादा तक मिलते हैं. सिर्फ सस्ता देखकर खरीदना सही फैसला नहीं होता. अच्छी ब्रांड चुनें जो वारंटी और सर्विस सपोर्ट दे. कई बार थोड़े ज्यादा पैसे खर्च करने से लंबे समय तक सुकून मिलता है.

असली बात क्या है? इंडक्शन कुकटॉप खरीदना आसान है, लेकिन सही मॉडल चुनना थोड़ा सोचने का काम है. हर घर की जरूरत अलग होती है-किसी को स्पीड चाहिए, किसी को सेफ्टी और किसी को बजट में बेस्ट ऑप्शन, अगर आप ऊपर बताई गई बातों को ध्यान में रखकर खरीदारी करेंगे, तो ना सिर्फ आपका काम आसान होगा बल्कि आपका कुकिंग एक्सपीरियंस भी बेहतर हो जाएगा.

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