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Doodh peene ke nuksan: दूध एक बेहद ही हेल्दी ड्रिंक है, जिसे पीने से हड्डियां और दांत मजबूत बनती हैं. कैल्शियम, विटामिन डी, बी2, बी12 दूध में भरपूर होता है. इसके साथ ही दूध में पोटैशियम, प्रोटीन, आयोडीन, फॉस्फोरस आदि भी होते हैं. प्रोटीन होने के कारण ये मसल्स का भी निर्माण करने के साथ ही मरम्मत करता है. लेकिन, फायदे पहुंचाने के साथ ही दूध कुछ लोगों को नहीं पचता. नुकसान पहुंचाता है. जानिए यहां किन लोगों को दूध नहीं पीना चाहिए या किस कंडीशन में दूध पीने से बचना चाहिए.
एक्सपर्ट हमेशा कहते हैं कि प्रतिदिन बच्चे हों या बूढ़े, सभी को एक गिलास दूध हर दिन जरूर पीना चाहिए. कैल्शियम और विटामिन डी का मुख्य स्रोत होने के कारण दूध हड्डियों और दांतों को मजबूती देता है. प्रोटीन मसल्स की मरम्मत करता है. कई अन्य पोषक तत्व और मिनरल्स बच्चों के शारीरिक ग्रोथ और बड़ों की सेहत के लिए जरूरी होते हैं. इतने फायदों के बावजूद भी दूध कुछ लोगों के लिए जहर के समान हो सकता है. सभी को दूध सूट नहीं करता. खासकर, जिन्हें लैक्टोज इंटॉलरेंस हो. इसके अलावा, कुछ हेल्थ कंडीशन वाले लोग भी दूध पीते हैं तो उन्हें गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.

कुछ रिसर्च कहती हैं कि दूध दिल की बीमारियों, टाइप-2 डायबिटीज और कुछ तरह के कैंसर का खतरा कम करता है, लेकिन दूसरी रिसर्च में बताया गया है कि ज्यादा दूध पीने से मुंहासे, प्रोस्टेट कैंसर और छोटे बच्चों में खून की कमी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. खासकर 6 तरह की परेशानियों वाले लोगों को दूध बिल्कुल नहीं पीना चाहिए या फिर बहुत सावधानी बरतनी चाहिए. इस लिस्ट में कौन-कौन शामिल हैं..

दिल की बीमारी और कोलेस्ट्रॉल से परेशान लोग: बिना मलाई वाले दूध में भी सैचुरेटेड फैट्स काफी होते हैं. ये खून में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ाते हैं और दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ाते हैं. जिनको दिल की समस्या है, उन्हें कम फैट वाला दूध और दूध से बने प्रोडक्ट्स अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए.
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लैक्टोज इनटॉलरेंस: बहुत से बड़े लोगों में दूध पचाने वाला ‘लैक्टेज’ एंजाइम कम होता है. अगर दूध पीने के बाद पेट फूलना, गैस या दस्त जैसी दिक्कतें आती हैं तो इसका मतलब आपको लैक्टोज सूट नहीं करता. ऐसे लोग लैक्टोज-फ्री दूध या बादाम, सोया जैसे प्लांट बेस्ड दूध पी सकते हैं.

जिन्हें कैंसर का खतरा हो- कुछ रिसर्च में बताया गया है कि ज्यादा दूध पीने से पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है. अगर परिवार में किसी को कैंसर हुआ है, तो बाकी सदस्य डॉक्टर की सलाह से ही दूध को अपनी डाइट में शामिल करें.

इम्यूनिटी कमजोर होने पर: कच्चे दूध में सैल्मोनेला, ई-कोली जैसे हानिकारक बैक्टीरिया हो सकते हैं. गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, अगर कच्चा दूध पीते हैं तो जान के लिए खतरा हो सकता है. ऐसे लोग सिर्फ पाश्चराइज या अच्छे से उबला हुआ दूध ही पिएं.

मिल्क प्रोटीन एलर्जी: हमारे शरीर की इम्यून सिस्टम अगर दूध में मौजूद प्रोटीन पर गलत तरीके से रिएक्ट करती है तो उसे मिल्क प्रोटीन एलर्जी कहते हैं. ऐसे लोग अगर दूध पीते हैं तो उन्हें खुजली, सूजन या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है. ऐसे लोगों को बिल्कुल दूध नहीं पीना चाहिए.

बच्चों में खून की कमी होने पर: अगर छोटे बच्चों को बहुत ज्यादा दूध दिया जाए, तो वे आयरन से भरपूर दूसरा खाना ठीक से नहीं खा पाते. इससे बच्चों में आयरन की कमी और खून की कमी होने का खतरा रहता है. बच्चों को दूध के साथ-साथ दूसरे पौष्टिक खाने भी बैलेंस करके देना चाहिए.

ये भी ध्यान दें: जिन लोगों को ज्यादा मुंहासे (Acne) की समस्या है, उन्हें ज्यादा दूध नहीं पीना चाहिए. दूध में मौजूद कुछ हार्मोन और ग्रोथ फैक्टर्स शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ा देते हैं, जिससे सेबम का उत्पादन बढ़ता है. इससे मुंहासे और ज्यादा लाल हो सकते हैं या नए मुंहासे आ सकते हैं, ऐसा रिसर्च में पता चला है. जिन लोगों को पाचन की समस्या है, उनके लिए दूध पचाना मुश्किल हो सकता है और समस्या बढ़ सकती है. कुछ तरह की किडनी की समस्या वाले लोग डॉक्टर की सलाह से ही कितना दूध पीना है, ये जान लें.