Winter Season Tips: विंध्य क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सर्दी का मौसम आते ही लाल बिच्छू का प्रकोप बढ़ जाता है. ठंड हवाओं के बीच गर्म और बंद जगहों पर ये छिपे रहते हैं. बिच्छू के डंक से असहनीय दर्द और जहर फैलने का खतरा रहता है, लेकिन घबराएं नहीं. रीवा सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव के अनुसार, कुछ सरल घरेलू उपायों से तुरंत राहत मिल सकती है और मरीज को अस्पताल पहुंचाया जा सकता है.
सर्दियों में सक्रिय होते हैं लाल बिच्छू
डॉ. श्रीवास्तव बताते हैं कि बिच्छू मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं- काले, भूरे और लाल. काले व भूरे बिच्छू बरसात में ज्यादा सक्रिय रहते हैं, जबकि लाल बिच्छू का स्वभाव गंभीर होता है. सर्दी में ये गर्म स्थानों जैसे किचन, जूतों या रूम हीटर के आसपास छिप जाते हैं. ठंड से सुस्त हो जाने पर भोजन की तलाश में ये अधिक आक्रामक हो जाते हैं.
डंक लेगने पर सबसे पहला काम
आगे कहा, “विंध्य के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दियों में लाल बिच्छू के डंक की घटनाएं आम हैं. ये जगहें उन्हें आराम देती हैं, लेकिन इंसानों के लिए खतरा बन जाती हैं,” डंक लगने पर सबसे पहले प्रभावित जगह को साफ पानी और साबुन से धो लें. फिर, डंक वाली जगह से 4-5 इंच ऊपर कपड़े या रस्सी से कसकर बांध दें, ताकि जहर ब्लड सर्कुलेशन से न फैले। डॉक्टर के मुताबिक, तुरंत घरेलू उपाय अपनाएं.
फिर ये उपाय अपनाएं
1. फिटकरी का लेप: शुद्ध फिटकरी को साफ पत्थर पर पीसकर पानी मिलाएं. लेप बनाकर डंक वाली जगह पर लगाएं और हल्की आंच से सिकाई करें. इससे जहर तेजी से उतरता है.
2. पुदीना का उपयोग: ताजे पुदीने के पत्तों को सिलबट्टे पर पीस लें. पेस्ट को प्रभावित हिस्से पर लगाएं. साथ ही, आधा गिलास पानी में पुदीना घोलकर पीड़ित को पिला दें. यह जहर को कम करता है और उल्टी रोकता है.
3. बर्फ की सिकाई: साफ कपड़े में बर्फ लपेटकर 10-15 मिनट रखें। इससे जलन और सूजन तुरंत कम होती है.
4. लौंग का तेल व चूना: लौंग का तेल लगाने या चूने का लेप बनाने से भी दर्द में राहत मिलती है.
डंक लगने पर ये इंजेक्शन जरी
डॉक्टर के अनुसार, ये उपाय अस्थायी राहत देते हैं, लेकिन गंभीर मामलों में एंटी-वेनम इंजेक्शन जरूरी है. डॉ. श्रीवास्तव चेतावनी देते हैं, “डंक के बाद उल्टी, सांस लेने में तकलीफ या बेहोशी हो तो तुरंत अस्पताल जाएं. सर्दियों में घरों की सफाई और जूतों की जांच करें.”
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