बाजार से खीरा खरीदते वक्त खा जाते हैं धोखा, तो इन तरीकों से पहचानें

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गर्मी में ठंडक देने वाला खीरा अगर कड़वा निकल जाए, तो सारा मजा खराब हो जाता है. बाहर से ताजा दिखने वाला खीरा अंदर से कड़वा हो सकता है, लेकिन कुछ आसान तरीकों से आप मीठे और स्वादिष्ट खीरे की सही पहचान कर सकते हैं. आइए जानते हैं खीरा खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

आजकल तो बाजार में खीरा सालभर मिल रहा है, लेकिन इसका असली स्वाद गर्मी और बरसात में ही आता है. फिलहाल गर्मी चल रही है और बाजार में खीरा खूब मिल रहा है, इस समय खीरा खाने का अलग ही मजा है. आधुनिक खेती ने इसकी उपलब्धता भी बढ़ा दी है, फिर भी सही मौसम का खीरा ज्यादा ताजा और स्वादिष्ट होता है. सही समय पर खरीदा गया खीरा खाने का मजा भी दोगुना कर देता है.

खीरा न केवल स्वाद देता है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है. इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को हाइड्रेट रखता है. यह वजन घटाने वालों के लिए तो एक शानदार विकल्प है. खीरा हल्का और ताजा शरीर को ठंडक देता है और पाचन में भी मदद करता है. यह शरीर को कई फायदे देता है.

श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय बलिया के मृदा विज्ञान और कृषि रसायन विभाग के HOD प्रो. अशोक कुमार सिंह के मुताबिक, बाजार में अगर आप खीरा खरीदने जा रहे हैं, तो खीरे को हल्के से दबाकर जरूर देखें. अगर खीरा नरम या दबा हुआ लगे, तो समझ लें कि वह बासी या खराब हो सकता है. ताजा खीरा हमेशा सख्त और टाइट होता है, जो अंदर से भी अच्छा और मीठा रहता हैं.

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हां अच्छे खीरे की पहचान उसके रंग और बनावट से भी की जाती है. अगर खीरे के ऊपरी हिस्से में हल्का सफेद या पीला रंग दिखे और छोटे-छोटे कांटे हों, तो यह ताजगी का संकेत होता है. अच्छे खीरे की निशानी गहरा हरा रंग और चिकनी सतह भी मानी जाती है. खरीददारी के समय अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए, तो सही और बेकार का मिनटों में पहचान किया जा सकता है.

जो खीरा मध्यम आकार और सीधा होता है, वह आमतौर पर ज्यादा स्वादिष्ट होता है. अगर बहुत लंबा, मुड़ा हुआ या असामान्य आकार हो , तो वह खीरा कड़वा निकल सकता है. देसी खीरा, जिसमें हल्का पीलापन और गहरा रंग होता है, अक्सर ज्यादा मीठा और रसदार होता है. हर समय बाजार में सावधान रहे, वरना धोखा खाना आम है.

अगर गलती से कड़वा खीरा आ जाए, तो परेशान नहीं होना चाहिए, बल्कि उसके ऊपरी हिस्से को काटकर नमक लगाकर रगड़ें और निकलने वाले झाग को हटा दें. यह तरीका कड़वाहट को काफी हद तक कम कर देता है, जिससे खीरा खाने लायक बन सकता हैं. हालांकि, यह विधि हर खीरा में करना चाहिए. यह एक पारंपरिक उपाय भी है.

उक्त उपाय अपनाकर आप भी कड़वे और स्वादिष्ट खीरा की पहचान वो भी आसानी से कर सकते हैं. हालांकि, खीरा सुबह या दोपहर में खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है. इससे शरीर को ठंडक मिलती है और पाचन भी बेहतर होता है. सही खीरे का चयन और सही समय पर खाकर आप इसके स्वाद और सेहत दोनों का पूरा लाभ ले सकते हैं.

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