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Measures To Protect Yourself From Wild Animals : जंगली इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए अचानक से बाघ, तेंदुआ, सियार, भालू जैसे खूंखार जानवरों का दिखना आम बात है. जंगली जानवरों के अचानक सामने आने से आमतौर पर लोग गलती कर देते हैं. ऐसे में ये 4 ट्रिक्स आपके काम आ सकती है.
उत्तरप्रदेश के पीलीभीत जिले के तमाम इलाके ऐसे हैं जो जंगल से सटे हुए हैं. इन इलाकों में कई बार बाघों और तेंदुए की चहलकदमी आबादी के बीच देखी जाती है. अगर आप भी ऐसे किसी इलाके में रहते हैं और इस बात की आशंका है कि आपका आमना सामना बाघ से हो सकता है तो आपको कुछ सावधानी बरतनी चाहिए.

अगर आपका आमना सामना बाघ या फिर तेंदुए हो रहा है तो सबसे पहले आपको भागने से बचना चाहिए. इसके बाद आपको जोर जोर से चिल्लाकर शोर शराबा करना चाहिए. इन जानवरों से आंखें मिलाने से बचें. वहीं धीरे-धीरे खुद के कदम पीछे खींचने चाहिए. इसके साथ ही साथ खुद को बड़ा दिखाने की कोशिश करें.

अगर आप जंगल में या फिर ऐसे किसी स्थान पर रहते हैं जहां भालू की चहलकदमी की संभावना है तो सबसे पहले अकेले आने जाने से बचें. वहीं गुजरते समय शोर शराबा करते हुए चलें. अगर भालू आपकी तरफ दौड़ रहा हो तो अपने हाथों को हवा में उठाकर जोर जोर से चिल्लाएं. अगर भालू हमलावर हो जाए तो उससे लड़ने का प्रयास न करें. वहीं तब तक ऐसी स्थिति में रहें जब तक भालू चला न जाए.

सियार आमतौर पर शर्मीले होते हैं. लेकिन अगर वे भूखे हों, उन्हें खतरा महसूस हो या फिर वे रेबीज से संक्रमित हों तो वे हमलावर हो सकते हैं. अधिकांश स्थितियों में सियार झुंड में ही हमला करते हैं. अगर झुंड अचानक आपके सामने आ जाए तो शोर शराबा करें, किसी चीज की आड़ लेने का प्रयास करें. आसपास में डंडा या पत्थर खोजें जिससे आप हमले की स्थिति में आत्म रक्षा कर सकें.

पीलीभीत जिले की बात करें तो यहां 730 वर्ग किलोमीटर में फैला विशाल जंगल है. जैव विविधता के चलते यहां तमाम प्रजातियों के वन्यजीव पाए जाते हैं. जंगल से सटे सैकड़ों गांव ऐसे हैं जो जंगली जानवरों के लिहाज से संवेदनशील होते हैं. अगर आपके गांव या फिर खेतों में जंगली जानवरों की चहलकदमी है तो फौरन वन विभाग को सूचित करें.
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