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Best time to drink milk: दूध पीने का सही वक्त क्या है. अक्सर इस सवाल को लेकर लोग कंफ्यूज रहते हैं. अगर आप भी इस कंफ्यूजन में है तो अब टेंशन छोड़िए. एक नई रिसर्च में यह बताया गया है कि कब दूध पीने से सबसे ज्यादा हड्डियों को फायदा मिलता है.
दूध कब पीना चाहिए.
हम सब जानते हैं कि दूध कैल्शियम का खजाना होता है. चूंकि हड्डियां को सबसे ज्यादा कैल्शियम की जरूरत होती है. इसलिए दूध पीने से हड्डियां मजबूत होती है. लेकिन दूध कब पीने से सबसे ज्यादा फायदा मिलता है. या दूध पीने का सही समय क्या है, इसे लेकर अक्सर मन में कंफ्यूजन रहता है. इस सवाल से एक नई रिसर्च ने पर्दा हटाया है. नई रिसर्च में कहा गया है कि जब आप एक्सरसाइज करते हैं और उसके बाद दूध पीते हैं तो इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलता है. आइए इसे तफ्सील से जानते हैं.
एक्सरसाइज के बाद दूध पीने के फायदे
डेली मेल की खबर में नई रिसर्च के हवाले से यह बात कही गई है कि एक्सरसाइज के बाद दूध पीने का किस तरह से फायदा मिलता है. चीनी वैज्ञानिकों का यह अध्ययन जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन, हेल्थ एंड एजिंग में प्रकाशित किया गया है. शोध के अनुसार यदि आप ताकत बढ़ाने वाली एक्सरसाइज के ठीक 30 से 60 मिनट के भीतर एक गिलास लो-फैट दूध पीते हैं, तो यह हड्डियों के कमजोर होने यानी ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को काफी कम कर देता है. रिसर्च में पाया गया कि गाय का दूध, सोया मिल्क के मुकाबले मांसपेशियों और हड्डियों की कार्यक्षमता बढ़ाने में कहीं ज्यादा प्रभावी है.
उम्र बढ़ने से फ्रेक्चर का खतरा
उम्र बढ़ने के बाद हड्डियों के फ्रेक्चर का खतरा सबसे ज्यादा होता है. अधिकांश लोग 50-60 साल के बाद अपनी हड्डियां तुड़वा लेते हैं. इसका प्रमुख कारण है हड्डियों की कमजोरी. यह कमजोरी शुरुआत से ही बढ़ती जाती है. अध्ययन के मताबिक 50 साल से ज्यादा उम्र के लगभग 40 प्रतिशत लोगों में ऑस्टियोपीनिया होने का खतरा रहता है जो हड्डियों के पतले और कमजोर होने की शुरुआती अवस्था है. हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए रेगुलर एक्सरसाइज, रेजिस्टेंस ट्रेनिंग और वॉक सबसे फायदेमंद माने जाते हैं लेकिन इसके साथ ही आपको कैल्शियम से भरपूर पोषक तत्वों का सेवन करना भी अनिवार्य है. अब चीनी वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर ताकत बढ़ाने वाली एक्सरसाइज के साथ वर्कआउट के बाद एक गिलास दूध पिया जाए, तो यह हड्डियों के पतले होने से बचाने में मदद कर सकता है.
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8 सप्ताह के बाद आया रिजल्ट
इस अध्ययन में 60 साल से उपर के लोगों को शामिल किया गया था. इन्हें चार समूहों में बांटा गया. एक समूह को एक्सरसाइज के बाद तीन सप्ताह तक 60 मिनट के बाद दूध पीने के लिए दिया गया. दूसरे समूह को एक्सरसाइज के बाद दूध और भाप में पका हुआ शकरकंद खाने को दिया गया. फिर एक समूह को एक्सरसाइज के बाद सोया दूध का सेवन करने को कहा गया. इन लोगों को 30 मिनट से एक घंटे के भीतर 240 मिलीलीटर लो-फैट दूध पिया. सोया दूध पीने वाले प्रतिभागियों को थोड़ा कम मात्रा दी गई, ताकि दोनों समूहों को हर सत्र में लगभग 7-8 ग्राम प्रोटीन मिल सके. इन दोनों समूहों ने हर ट्रेनिंग सत्र के बाद 60 ग्राम भाप में पकी शकरकंद भी खाई ताकि प्रोटीन के साथ कार्बोहाइड्रेट का संतुलन बना रहे. आठ हफ्तों के बाद, सभी समूहों में चलने की गति में स्पष्ट सुधार देखा गया. इससे संकेत मिलता है कि नियमित व्यायाम से चलने-फिरने की क्षमता और प्रदर्शन बेहतर होता है.
हाथों की ग्रिप पर अच्छी पकड़
जिन लोगों ने अपने खाने में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन नियमित रूप से व्यायाम करते रहे, उनमें हाथों की पकड़ (हैंडग्रिप) की ताकत और बैठी हुई स्थिति से खड़े होने की क्षमता में अच्छा सुधार देखा गया. शोधकर्ताओं के अनुसार, इसका मतलब है कि उनकी नसों और मांसपेशियों का तालमेल और पैरों की ताकत बेहतर हुई. लेकिन सबसे ज्यादा सुधार उन प्रतिभागियों में देखा गया, जिन्होंने एक्सरसाइज के बाद एक गिलास गाय का दूध पिया और हर हफ्ते पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा किया. इन लोगों में न सिर्फ हाथों की पकड़ मजबूत हुई, बल्कि वे कुर्सी से खड़े होकर फिर बैठने की प्रक्रिया को लगातार पांच बार पहले से ज्यादा तेजी से कर पाए. साथ ही, छह मीटर की दूरी तय करने की उनकी चलने की गति भी बेहतर हुई.
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18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने अपने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, स…और पढ़ें