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Ambala News: आजकल मल्टीविटामिन कैप्सूल और सप्लीमेंट्स लेना आम बात हो गई है. टी.वी., इंटरनैट और सोशल मीडिया पर इनके विज्ञापन लगातार दिखते हैं.
आजकल मल्टीविटामिन कैप्सूल और सप्लीमेंट्स लेना आम बात हो गई है। टी.वी., इंटरनैट और सोशल मीडिया पर इनके विज्ञापन लगातार दिखते हैं. दावा किया जाता है कि ये शरीर को मजबूत बनाते हैं, थकान दूर करते हैं और रोजमर्रा की पोषण की कमी पूरी करते हैं लेकिन क्या वाकई ये जरूरी हैं? आइए जानते हैं.

कई बार भाग-दौड़ भरी जिंदगी और फास्ट फूड की वजह से संतुलित आहार लेना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में लोग सोचते हैं कि मल्टीविटामिन से कमी पूरी हो जाएगी.

थकान, कमजोरी या बार-बार बीमार पड़ने पर लोग इनका सहारा लेते हैं.

कई विज्ञापनों में दावा किया जाता है कि मल्टीविटामिन लेने से त्वचा चमकदार होती है और बाल मजबूत बनते हैं.

गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और लंबे समय से बीमार लोग अक्सर डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स लेते हैं.

हालांकि, मल्टीविटामिन सुनने में सुरक्षित लगते हैं, लेकिन इनके कुछ जोखिम भी हैं :<br />ओवरडोज का खतरा :<br />शरीर को जितने विटामिन की जरूरत है, उससे ज्यादा लेने पर उल्टा नुकसान हो सकता है।

ज्यादा मात्रा में विटामिन ‘ए’ से लिवर को नुकसान, विटामिन ‘सी’ से पेट खराब, और विटामिन ‘ई’ से खून पतला होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

कई लोग सोचते हैं कि मल्टीविटामिन लेने से वे जो चाहें खा सकते हैं और डाइट की परवाह नहीं करनी पड़ेगी, जबकि हकीकत यह है कि असली पोषण केवल संतुलित आहार से मिलता है।

कुछ सप्लीमेंट्स ब्लड प्रेशर या शुगर की दवाओं के असर को बदल सकते हैं।

डॉक्टरों का मानना है कि स्वस्थ व्यक्ति, जो संतुलित आहार लेता है, उसे अतिरिक्त मल्टीविटामिनों की जरूरत नहीं होती। डायटीशियन और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स कहते हैं कि फल, सब्जियां, अनाज, दालें और दूध जैसे प्राकृतिक स्त्रोतों से मिलने वाले विटामिन और मिनरल्स ही शरीर के सबसे अच्छे तरीके से काम आते हैं।हालांकि, ये कुछ मामलों में जरूरी होते हैं। जैसे गर्भवती महिलाएं, 50 साल से ऊपर के लोग, विटामिन ‘डी’ की कमी से ग्रस्त या गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर मल्टीविटामिन लेने की सलाह दे सकते हैं।

प्राकृतिक स्त्रोत सबसे बेहतर होता है. संतुलित आहार जिसमें मौसमी फल, हरी सब्जियां, दालें, दूध, अंडा और साबुत अनाज शामिल हों, सबसे सुरक्षित और फायदेमंद तरीका है. सप्लीमेंट सिर्फ जरूरत पर लेने चाहिएं.<br />यदि डाइट पर्याप्त नहीं है या डॉक्टर ने टैस्ट कर कमी पाई है, तभी मल्टीविटामिन लें. बिना सलाह के लंबे समय तक इन्हें लेने से नुकसान अधिक और फायदा कम होता है.