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Dangers of No-Salt Diet: कई लोग नवरात्रि में 9 दिन तक फास्ट रखते हैं और नमक का सेवन नहीं करते हैं. डॉक्टर अमरेंद्र पाठक के अनुसार नमक की कमी से शरीर का फ्लूड बैलेंस बिगड़ जाता है. इससे लो बीपी और ब्रेन फॉग जैसी कंडीशन पैदा हो सकती हैं. एक्सपर्ट्स लोगों को व्रत के दौरान पूरी तरह नमक बंद करने की सलाह नहीं देते हैं.
9 दिन तक नमक न खाने से सेहत से जुड़ी कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं.
Navratri Fasting Tips: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है और इस दौरान कई लोग 9 दिन व्रत रखकर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करेंगे. कई लोग नवरात्रि के उपवास में सेंधा नमक का सेवन कर लेते हैं, लेकिन कुछ लोग लगातार 9 दिन तक बिल्कुल नमक नहीं खाते हैं. डॉक्टर्स की मानें तो नमक हमारे शरीर के लिए जरूरी होता है. अगर आप लगातार 9 दिनों तक नमक नहीं खाएंगे, तो इससे शरीर के कामकाज पर बुरा असर पड़ेगा. जिन लोगों को लो बीपी की समस्या है, उनके लिए यह कदम बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. ऐसे में लोगों को नवरात्रि व्रत के दौरान भी व्रत वाले नमक का सेवन जरूर करना चाहिए.
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के वाइस चेयरमैन डॉ. अमरेंद्र पाठक ने News18 को बताया कि नमक मुख्य रूप से सोडियम और क्लोराइड से बना होता है. सोडियम हमारे शरीर में तरल पदार्थों के संतुलन यानी फ्लूड बैलेंस को बनाए रखता है. जब आप 9 दिनों तक नमक नहीं लेते, तो शरीर में सोडियम का स्तर तेजी से गिर सकता है, जिसे मेडिकल भाषा में हाइपोनेट्रेमिया कहते हैं. इससे कोशिकाओं में सूजन आ सकती है, जो ब्रेन के लिए खतरनाक हो सकती है. हमारे नर्वस सिस्टम और मसल्स के संकुचन के लिए सोडियम इलेक्ट्रिक सिग्नल की तरह काम करता है. नमक की कमी से मांसपेशियों में असहनीय ऐंठन, कमजोरी और नसों में झनझनाहट महसूस हो सकती है. आप बिना किसी भारी काम के भी थक सकते हैं.
डॉक्टर ने बताया कि नमक ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है. जो लोग पहले से ही लो बीपी की समस्या से जूझ रहे हैं, उनके लिए 9 दिन तक बिना नमक के रहना जानलेवा हो सकता है. इससे चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा छाना और बेहोशी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है, क्योंकि ऐसी कंडीशन में हार्ट को शरीर के सभी अंगों तक खून पंप करने में संघर्ष करना पड़ता है. लंबे समय तक नमक का बहुत कम सेवन करने से शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी कम हो सकती है. इसका मतलब है कि शरीर ब्लड शुगर को प्रभावी ढंग से रेगुलेट नहीं कर पाता, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ सकता है.
एक्सपर्ट की मानें तो नमक अचानक छोड़ने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर में थोड़ा बढ़ोतरी देखी जा सकती है. यह शरीर की एक रक्षात्मक प्रतिक्रिया होती है, जो लंबे समय में हार्ट हेल्थ के लिए अच्छी नहीं मानी जाती. इसके अलावा ब्रेन की कोशिकाओं को संदेश भेजने के लिए सोडियम की आवश्यकता होती है. नमक की कमी से ब्रेन फॉग यानी सोचने-समझने की क्षमता में कमी, चिड़चिड़ापन और सिरदर्द की समस्या आम हो जाती है. आप मानसिक रूप से खुद को केंद्रित करने में असमर्थ महसूस कर सकते हैं.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
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