मांस-मछली नहीं खाते हैं तो कैंसर होने का खतरा भी कम, नॉन-वेज वालों को ज्यादा

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vegetarian food lower risk of cancer : क्या आपकी थाली में रखा भोजन आपकी उम्र तय कर रहा है? सालों से चल रही ‘वेज बनाम नॉन-वेज’ की बहस में अब विज्ञान ने एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसे नजरअंदाज करना मुश्किल है. एक नई और व्यापक रिसर्च में यह बात पुख्ता हुई है कि मांसाहार करने वालों की तुलना में शाकाहारी खाना खाने वालों को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा काफी कम होता है.

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और कई अन्य संस्थानों द्वारा किए गए इस शोध में हजारों लोगों के खान-पान का विश्लेषण किया गया. नतीजों ने साफ कर दिया है कि जो लोग फलों, सब्जियों, फलियों और साबुत अनाज पर निर्भर रहते हैं, उनके शरीर में कैंसर पैदा करने वाले कारक कम पनपते हैं. वहीं, रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट का अधिक सेवन शरीर के भीतर ऐसी परिस्थितियां पैदा करता है जो ट्यूमर के विकास में सहायक हो सकती हैं. इस रिपोर्ट में विस्तार से जानिए कि आखिर शाकाहार में ऐसा क्या है जो कैंसर के खिलाफ एक ‘सुरक्षा कवच’ की तरह काम करता है.

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने खाने की आदतों और कैंसर के बीच के संबंध पर एक रिसर्च की. इस रिसर्च के नतीजे ब्रिटिश जर्नल ऑफ कैंसर में छपे हैं. रिसर्च में पता चला है कि मांसाहारी खाने वालों के मुकाबले शाकाहारी खाने वालों को कुछ तरह के कैंसर का खतरा कम हो सकता है.

इस रिसर्च में भारत, इंग्लैंड, अमेरिका और ताइवान जैसे देशों में करीब 16 साल तक 18 लाख से ज्यादा लोगों से मिले डेटा का वैज्ञानिकों ने विश्लेषण किया. इसमें मांस खाने वाले और शाकाहारी दोनों शामिल थे. रिसर्च के दौरान उनका वजन, लंबाई (BMI), लाइफस्टाइल, एक्सरसाइज और दूसरी हेल्थ से जुड़ी आदतों को भी ध्यान में रखा गया.

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शाकाहारी भोजन करने वालों को कुछ तरह के कैंसर होने का खतरा काफी कम पाया गया है. आंकड़ों के मुताबिक, मांसाहारी खाने वालों के मुकाबले शाकाहारी लोगों को ब्लड कैंसर का खतरा 31 प्रतिशत कम था. उन्हें किडनी कैंसर का खतरा 28 प्रतिशत कम और पैंक्रियाज कैंसर का खतरा 21 प्रतिशत कम पाया गया. रिसर्च के मुताबिक, प्रोस्टेट कैंसर का खतरा भी शाकाहारी लोगों में 12 प्रतिशत कम था.

महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा करीब 9 प्रतिशत कम पाया गया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि शाकाहारी खाना खाने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और आंतरिक अंगों की कार्यक्षमता भी बढ़ती है, हालांकि, बड़ी आंत के कैंसर के मामले में एक दिलचस्प बात सामने आई है.

आम तौर पर माना जाता है कि ज्यादा मांस खाने से बड़ी आंत के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. लेकिन इस रिसर्च में पता चला है कि शाकाहारी और मांसाहारी दोनों में खतरा लगभग बराबर है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि शाकाहारी खाने वालों में खतरा थोड़ा ज्यादा हो सकता है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि रिसर्च में शामिल लोगों की संख्या कम थी, इसलिए इसे और अच्छे से समझना जरूरी है.

प्रमुख वैज्ञानिक अरोरा पेरेज कार्नाको ने कहा कि शाकाहारी खाना सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन शरीर को जरूरी सारे पोषक तत्व मिल रहे हैं या नहीं, यह देखना भी जरूरी है, कुछ मामलों में अगर खाने से जरूरी विटामिन या मिनरल्स पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलते हैं, तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स ले सकते हैं. कुल मिलाकर, संतुलित खाना और हेल्दी लाइफस्टाइल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कुछ हद तक कम कर सकते हैं, इस रिसर्च में बताया गया है शाकाहारी खाने में प्रोटीन, फैट और कार्बोहाइड्रैट का संतुलन है तो यह बेस्ट खाना होता है. 

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