तनाव, कमजोरी और नींद की समस्या से हैं परेशान, तो इस चीज का कर लें सेवन, मिलेंगे चमत्कारी फायदे

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अश्वगंधा एक प्राकृतिक एडाप्टोजेन है, जो तनाव कम करने, नींद सुधारने और ऊर्जा बढ़ाने में सहायक मानी जाती है. यह कोर्टिसोल नियंत्रित कर मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करती है. नियमित सेवन से स्टैमिना, रोग प्रतिरोधक क्षमता और मांसपेशियों की मजबूती बढ़ सकती है. पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन और फर्टिलिटी सुधार से भी जोड़ी जाती है. जोड़ों के दर्द में इसके एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण लाभकारी हैं. सामान्यतः 3–6 ग्राम चूर्ण दूध या शहद के साथ लिया जाता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह आवश्यक है.

अश्वगंधा एक प्राकृतिक एडाप्टोजेन है, जो शरीर को तनाव से लड़ने की क्षमता देता है. यह स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल को नियंत्रित करने में मदद करती है. नियमित सेवन से घबराहट, बेचैनी और मानसिक दबाव में कमी देखी गई है. ऑफिस वर्क, पढ़ाई और पारिवारिक तनाव झेल रहे लोगों के लिए यह बेहद लाभकारी मानी जाती है. आयुर्वेद के अनुसार यह मन को स्थिर करती है और मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक है.

नींद न आना आज एक आम समस्या बन चुकी है. अश्वगंधा दिमाग को शांत कर गहरी और प्राकृतिक नींद लाने में मदद करती है. यह न तो नींद की गोलियों जैसी आदत डालती है और न ही भारीपन देती है. नियमित सेवन से नींद का पैटर्न सुधरता है और सुबह ताजगी महसूस होती है. अनिद्रा से परेशान लोगों के लिए इसे आयुर्वेदिक समाधान माना जाता है.

लगातार थकान, शरीर में ऊर्जा की कमी और जल्दी थक जाना कमजोरी के लक्षण हैं. अश्वगंधा शरीर की ऊर्जा और स्टैमिना बढ़ाने में मदद करती है. यह मांसपेशियों को मजबूती देती है और लंबे समय तक काम करने की क्षमता बढ़ाती है. पहाड़ी क्षेत्रों में इसे शारीरिक ताकत बढ़ाने वाली औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता रहा है.

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अश्वगंधा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को संक्रमण से बचाने में सहायक होते हैं. बदलते मौसम में बार-बार बीमार पड़ने वालों के लिए यह उपयोगी मानी जाती है. नियमित सेवन से सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा कम हो सकता है. शरीर की कमजोर को दूर करने में सहायक होता है.

आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. ऐजल पटेल का कहना है कि आजकल जिम और फिटनेस से जुड़े युवाओं के बीच अश्वगंधा काफी लोकप्रिय हो रही है. यह मसल्स स्ट्रेंथ बढ़ाने, रिकवरी तेज करने और थकान कम करने में मदद करती है. कुछ अध्ययनों में इसे मांसपेशियों की मजबूती और सहनशक्ति बढ़ाने से जोड़ा गया है. जिम जाने वाले युवाओं के लिए भी यह एक बेहतरीन विकल्प है.

आयुर्वेद में अश्वगंधा को पुरुषों के लिए विशेष लाभकारी माना गया है. यह टेस्टोस्टेरोन स्तर, स्पर्म काउंट और फर्टिलिटी में सुधार से जुड़ी पाई गई है. कमजोरी और ऊर्जा की कमी से जूझ रहे पुरुषों के लिए इसे उपयोगी बताया जाता है. इसलिए पुरूष भी इसका आसानी से सेवन कर सकते हैं. साथ ही यह पुरूषों में ऊर्जा का संचार करने में भी सहायक है.

अश्वगंधा में मौजूद एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं. गठिया और पुराने दर्द की समस्या में इसका नियमित सेवन सहायक हो सकता है. यह शरीर में सूजन को कम कर मूवमेंट को बेहतर बनाती है. बुजुर्ग भी डॉक्टर की सलाह के बाद इसका आसान से सेवन कर लाभ ले सकते हैं. पुरानी से पुरानी बिमारी में भी कारगर साबित होता है.

अश्वगंधा चूर्ण को सामान्यत 3 से 6 ग्राम मात्रा में रात को दूध या शहद के साथ लिया जाता है. हालांकि गर्भवती महिलाएं, थायराइड या ऑटोइम्यून रोग से पीड़ित लोग सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. संतुलित मात्रा में सेवन ही सुरक्षित और लाभकारी माना जाता है. ध्यान रहे कि स्वयं के विवेक से इसका सेवन ना करें, ऐसा करने से नकारात्मक परिणाम भी सामने आ सकते हैं. डॉक्टर की सलाह से ही सेवन करें.

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