आंत के सूजन, कमजोरी और थकान से हैं परेशान, तो इन पर रामबाण हैं ये घरेलू उपाय

Last Updated:

इन औषधीय पौधों को बीमारी के दौरान अपनी जरूरत के अनुसार इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके कोई नुकसान भी नहीं हैं, न कोई साइड इफेक्ट है. करीब 14 वर्षों का अनुभव रखने वाले डॉ. मनोज तिवारी बताते हैं कि औषधियां हमारी सेहत को असीमित ताकत देती हैं. बीमारियों को खत्म करती हैं, ऊर्जा का भंडार हैं.

अमेठी: हमारा स्वस्थ शरीर हमारी छोटी-छोटी लापरवाहियों के कारण बीमार पड़ जाता है. ऐसे में शरीर की छोटी समस्याएँ ही आगे चलकर बड़ी परेशानियों का रूप ले लेती हैं. कई लोग सूजन, कोलाइटिस और अर्थराइटिस जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार इन बीमारियों का मुख्य कारण अनियमित खानपान और असंतुलित दिनचर्या है, जो हमें बीमार बनाकर दवाओं पर निर्भर रहने के लिए मजबूर कर देती है.

ऐसे में आज हम जानेंगे कि इन समस्याओं से कैसे छुटकारा पाया जा सकता है और हमें किन-किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

रामबाण औषधियां

अक्सर लोग आंत में सूजन, शरीर में कमजोरी, थकान और चिड़चिड़ेपन की समस्या से जूझते हैं. इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए कुछ ऐसी औषधियां हैं जिनका सेवन रामबाण साबित हो सकता है.

इन समस्याओं को दूर करने के लिए पपीते का पौधा, एलोवेरा जेल और अलसी का तेल कारगर है. पपीते के पौधे में ऐसी असीमित ताकत होती है, जो आंत के जख्म को दूर करती है. अलसी का तेल हमारे शरीर में बैक्टीरिया को खत्म करने के साथ कई विटामिन की कमी को पूरा करता है. एलोवेरा जेल और उसका जूस भी शरीर को असीमित ताकत देता है. इससे शरीर में कमजोरी, थकान और चिड़चिड़ापन दूर होता है.

औषधियां हमारी सेहत को असीमित ताकत देती हैं

इन औषधीय पौधों को बीमारी के दौरान अपनी जरूरत के अनुसार इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके कोई नुकसान भी नहीं हैं, न कोई साइड इफेक्ट है. करीब 14 वर्षों का अनुभव रखने वाले डॉ. मनोज तिवारी बताते हैं कि औषधियां हमारी सेहत को असीमित ताकत देती हैं. बीमारियों को खत्म करती हैं, ऊर्जा का भंडार हैं.

About the Author

Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *