Home Remedies for Cough: इस वक्त मौसम तेजी से बदल रहा है और बड़ी संख्या में लोग सर्दी-खांसी की चपेट में आ रहे हैं. खांसना शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो गले और फेफड़ों से बलगम या बाहरी कणों को साफ करने में मदद करती है, लेकिन जब यह लंबे समय तक बनी रहे, तो यह गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है. खांसी के कारण न केवल गले में खराश और दर्द होता है, बल्कि यह आपकी नींद और दिनचर्या को भी प्रभावित करती है. कई बार दवाइयों के साथ-साथ घरेलू नुस्खे खांसी से जल्द उबरने में मदद करते हैं. अगर आप खांसी से जूझ रहे हैं, तो डॉक्टर की दी गई दवा के साथ रसोई में मौजूद कुछ चीजों का सेवन भी कर सकते हैं, ताकि आपकी खांसी जल्द ठीक हो जाएगी और इम्यूनिटी बूस्ट हो जाए.
खांसी से छुटकारा पाने के 5 घरेलू नुस्खे
अदरक : अदरक अपने औषधीय गुणों के लिए मशहूर है. इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गले की सूजन को कम करते हैं और बलगम को तोड़ने में मदद करते हैं, जिससे खांसी में तुरंत राहत मिलती है. अदरक की चाय पीना सबसे बेहतर विकल्प है. इसके लिए ताजे अदरक के टुकड़ों को एक कप पानी में 10-15 मिनट तक उबालें और फिर इसे छानकर पिएं. यह खांसी शांत करेगा और गले की ड्राइनेस भी दूर करेगा. हालांकि इसका अधिक सेवन न करें, क्योंकि इससे पेट में जलन हो सकती है.
नमक के पानी से गरारे : यह सबसे सरल और पुराना नुस्खा है, जिसे डॉक्टर भी अक्सर सुझाते हैं. गुनगुने पानी में नमक मिलाकर गरारे करने से गले में जमा बलगम ढीला हो जाता है और बाहर निकल जाता है. यह गले की खुजली और सूजन को कम करने में भी मदद करता है. इसके लिए एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाएं और दिन में 2-3 बार गरारे करें. यह तरीका विशेष रूप से टॉन्सिल और गले के संक्रमण में बहुत प्रभावी होता है, लेकिन छोटे बच्चों पर न आजमाएं.
पुदीना और भाप का कमाल : पुदीने की पत्तियों में मेंथॉल होता है, जो गले को ठंडक देता है और खांसी को दबाने का काम करता है. पुदीने की चाय पीने के अलावा इसकी भाप लेने से फेफड़ों के बंद रास्तों को खोलने में बहुत मदद मिलती है. एक बर्तन में गर्म पानी लें और उसमें पुदीने के तेल की कुछ बूंदें या पुदीने की पत्तियां डालें. अपने सिर को तौलिये से ढंककर गर्म भाप को गहराई से अंदर लें. यह आपकी बंद नाक को खोलेगा और छाती में जमा कफ को बाहर निकालने में मदद करेगा.
हल्दी और काली मिर्च : हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व होता है, जो अपने शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुणों के लिए जाना जाता है. जब हल्दी को काली मिर्च के साथ लिया जाता है, तो शरीर हल्दी को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है. गुनगुने दूध में एक चुटकी हल्दी और थोड़ी सी पिसी हुई काली मिर्च मिलाकर गोल्डन मिल्क तैयार करें. इसमें स्वादानुसार शहद भी मिलाया जा सकता है. यह रात की खांसी को कम करेगा और इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाएगा.