अगर आप इस बीमारी को बताने में शरमा रहे, तो यह आपकी सबसे बड़ी भूल, आयुर्वेद के इस इलाज से होगा खात्मा!

सहारनपुर: दुनिया में कई बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, उन्ही में से सबसे तेज बढ़ने वाली बीमारी बवासीर है, जो भारत में सबसे ज्यादा देखी जा रही है. इसको लोग अक्सर बताना पसंद नहीं करते और इसको छिपाकर धीरे-धीरे इसको बढ़ावा देते हैं, जो बाद में एक खतरनाक रूप ले लेती है और ऑपरेशन करना पड़ता है. ऑपरेशन करने के बाद भी दोबारा से ना हो, इसकी कोई गारंटी नहीं होती है. बवासीर एक ऐसी बीमारी है, जिसमें व्यक्ति बैठने से परेशान हो जाता है, उसको ब्लीडिंग होने लगती है और ब्लीडिंग होने से शरीर कमजोर होता चला जाता है.

आज लोकल 18 आपको इस बवासीर का ऐसा आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय बताने जा रही है, जिसका इस्तेमाल करने से आप घर पर ही इसके लक्षणों को पहचान सकते हैं और इसका बचाव भी कर सकते हैं. सबसे पहले बात आती है बवासीर होता क्यों है और इसको किन कारणों से इसको बढ़ावा मिलता है. इसको लेकर आयास आयुर्वेदिक चिकित्सालय से बी.ए.एम.एस, एम.डी डॉक्टर हर्ष बताते हैं कि आजकल पाइल्स के मरीज बहुत ज्यादा बढ़ रहे हैं. पाइल्स को हम मॉडर्न भाषा में या साइंस की भाषा में हेमोरॉयड्स बोलते हैं और इसे आम भाषा में बवासीर बोला जाता है और आयुर्वेद में इसको अर्श रोग बोला गया है.

इस वजह से बढ़ रही बवासीर की समस्या

इसके मरीज बढ़ क्यों रहे हैं, इसको लेकर उन्होंने कहा कि इसका सबसे मुख्य कारण है जंक फूड का सेवन करना, बर्गर, पिज़्ज़ा, मोमोज, चाऊमीन और इसके अलावा पैकेज फूड्स जैसे मैगी, बिस्किट, नमकीन का सेवन करना है. यह सब चीज हमारे शरीर में कांसेपशियन को बढ़ाती है. हमारी आंतों की जो पेरीस्टाल्टिक मूवमेंट है उसे स्लो कर देती है, जिसकी वजह से जो मल है, वो सही से निष्कासित नहीं हो पाता और फिर मल आंतों में चिपका रह जाता है. पाइल्स का सबसे मुख्य कारण है कांसेपशियन. अक्सर उन व्यक्ति को पाइल्स होता है जो लॉन्ग सिटिंग करते हैं यानि लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं.

ऐसे करें बवासीर का घरेलू इलाज व बचाव

अगर अभी किसी को स्टार्टिंग फेस है, पाइल्स है और पता लगा है या उसको ऐसे कुछ लक्षण आ रहे हैं, कब्ज हो रही है, परेशानी हो रही है, गुदा में कुछ जलन है या गुदा में दर्द है या गुदा में खुजली है तो ऐसे व्यक्तियों को क्या करना चाहिए. आयुर्वेद डॉक्टर हर्ष बताते हैं कि जिमीकंद नाम की एक सब्जी आती है, अगर व्यक्ति उसे सप्ताह में दो-तीन बार खाना शुरू करे तो जिमीकंद सब्जी बवासीर के लिए रामबाण औषधि है. जिमीकंद खून को भी रोकती है और पेट को भी साफ करती है.

इसके अलावा यदि किसी व्यक्ति को बवासीर का पता चला है तो वह रात को छोटी हरड़ का सेवन कर ले. इससे सुबह उसका पेट अच्छे से साफ हो जाएगा और फिर बवासीर की प्रॉब्लम धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी. इसके अलावा त्रिफला चूर्ण जिसमें हरड़, बहेड़ा और आंवला तीनों फलों का सहयोग होता है, यह बेहतरीन मेडिसिन है. यह बवासीर को तो ठीक करती ही है, इसके अलावा शरीर की इम्युनिटी पावर को भी बढ़ाती है और डाइजेशन को भी अच्छा करती है.

खुजली की शिकायत पर करें ये काम

उन्होंने कहा कि इसके अलावा मैं एक और सलाह देना चाहूंगा कि जो भी बवासीर के मरीजों को गुदा में खुजली की शिकायत रहती है या गुदा में दर्द होता है तो वह एक बड़ा सा टब लें और टब में गर्म पानी डालें और गर्म पानी डालने के बाद अपने कपड़े उतारकर उस टब में बैठ जाएं, लेकिन सावधानी यह रखनी है कि पानी इतना गर्म हो कि सिकाई हो सके, इतना ज्यादा गर्म ना हो कि त्वचा जल जाए. इससे अंकुर धीरे-धीरे खत्म होने लग जाते हैं.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *