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Chana Khane Ke Nuksan: डॉ. ज्योति सिंह ने बताया कि एसिडिटी या पेट की समस्या वालों को सुबह चना नहीं खाना चाहिए. इससे उनकी समस्याएं बढ़ सकती हैं. उन्हें फायदे की जगह नुकसान हो सकता है.
मिर्जापुर : अक्सर सुबह उठकर आप चना खाते हैं. चना खाने के लिए कई बार घरों में बड़े और बुजुर्ग सलाह देते हैं. हालांकि, सुबह उठकर चना खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकता है. जिनको पेट से जुड़ी समस्या है. एसिडिटी या गैस से जुड़ी बीमारी है. उनके लिए सुबह चना खाना बेहद हानिकारक है. वहीं, जो लोग जिम जाते हैं या फिर हार्ड वर्क करते हैं. उनके लिए चना खाना फायदेमंद है. अगर आप सुबह चना खाना चाहते हैं तो इसे घुघरी या फिर टिक्की के तौर पर भी खा सकते हैं. यह आपके लिए फायदेमंद है.
मंडलीय अस्पताल की डाइटीशियन डॉ. ज्योति सिंह ने लोकल 18 से बताया कि सुबह खाली पेट चना बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए. खासकर उन लोगों को जिनको एसिडिटी की समस्या है. क्योकि चना बहुत देरी के बाद पचता है. सुबह-सुबह हमें ऐसी चीजों को खाना चाहिए, जिसे पेट आसानी के साथ पचा लें. चना को खाने से से परेशानी हो सकती है. अगर कोई भारी शारीरिक शक्ति से जुड़ी चीजों में जा रहे हैं तो चना खा सकते हैं. ताकि, काफी देर तक एनर्जी बनी रहे. हालांकि, आम लोगों के लिए सुबह चना या मूंग नहीं खाना चाहिए. सुबह हाई फाइबर वाली चीजों के सेवन से बचना चाहिए. यह परेशानी का कारण बन सकती है.
ऐसे करें सेवन
डॉ. ज्योति सिंह ने बताया कि कच्चा चना या मूंग की बजाय चने की घुघुरी बनाकर, पीसकर टिक्की बनाकर या उबालकर खा सकते हैं. अगर कोई डाइट में शामिल करना चाहते हैं तो उसे हम लोग चार्ट बनाते समय शरीर के हिसाब से उसकी मात्रा को तय करते हैं. जिनको गैस संबधित बीमारी है या पेट से जुड़ी हुई समस्या है. खट्टी ढकारे आती हो तो वह बिल्कुल भी कच्चे या भिगोए चने का सेवन नहीं करें. यह स्वास्थ्य को और भी खराब कर सकता है. इसलिए खाने से बिल्कुल परहेज करना चाहिए.
पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में नई दुनिया अखबार से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों …और पढ़ें
पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में नई दुनिया अखबार से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों … और पढ़ें